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सैनिक क्षेत्र में रास्ता न दिए जाने पर राजमार्ग बंद करने की दी चेतावनी
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सैनिक क्षेत्र में मार्ग की समस्या को लेकर डीसी के पास पहुंचे कोटली पाई के लोग
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। मगैनी पंचायत में कोटली बाई इलाके के लोगों को सैनिक क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं मिल रही है। इससे नाराज लोगों ने शनिवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर रोष प्रकट किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके गांव की तरफ जाने वाला मार्ग सैनिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। लेकिन, वीआईपी मूवमेंट को लेकर तीन दिन तक उनको बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं किया जाएगा। उनके लिए सैनिक क्षेत्र के बाहर से रास्ता तैयार कर राहत प्रदान की जाए।
शनिवार सुबह लोगों का शिष्टमंडल राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त इंदु कंवल चिब के पास पहुंचा। उन्होंने डीसी को बताया कि तीन दिन पहले जब वह घरों से नौकरी और अन्य कार्यों के लिए निकले तो सैनिकों ने उनको बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। जवान उनसे पहचान पत्र मांगने लगे। जब आधार कार्ड दिखाया तो उसको मानने से इंकार कर दिया। जब तक राष्ट्रपति उधमपुर में रहे, तब तक उनको गांव से बाहर नहीं जाने दिया।
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ग्रामीणों ने कहा कि करीब 20 वर्ष से इसी तरह सेना उनको परेशान कर रही है। प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर ही उनको जाने की अनुमति मिलती है। कई बार इसको लेकर प्रदर्शन भी किया, लेकिन परेशानी दूर नहीं हुई। बीते तीन दिनों में तो कई दिहाड़ीदार काम पर भी नहीं जा सके। इस परेशानी का हल ग्रामीणों के लिए सैनिक क्षेत्र के बाहर से मार्ग तैयार करना है, ताकि उनको सैनिक क्षेत्र जाने की जरूरत न पड़े। उपायुक्त ने उनको जल्द इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
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गांव ने दी थी सेना को जमीन
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के अंदर अगर मांग को पूरा नहीं किया जाता है तो सभी लोग परिवार सहित राजमार्ग को बंद कर भूख हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। दर्शन सिंह ने कहा कि गांव सेना की बटालियन बनने से पहले का है। ग्रामीणों ने ही अपनी जमीन सेना को दी थी। और आज ग्रामीणों को ही जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि उनके गांव की तरफ जाने वाला मार्ग सैनिक क्षेत्र से होकर गुजरता है। लेकिन, वीआईपी मूवमेंट को लेकर तीन दिन तक उनको बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं किया जाएगा। उनके लिए सैनिक क्षेत्र के बाहर से रास्ता तैयार कर राहत प्रदान की जाए।
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शनिवार सुबह लोगों का शिष्टमंडल राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त इंदु कंवल चिब के पास पहुंचा। उन्होंने डीसी को बताया कि तीन दिन पहले जब वह घरों से नौकरी और अन्य कार्यों के लिए निकले तो सैनिकों ने उनको बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। जवान उनसे पहचान पत्र मांगने लगे। जब आधार कार्ड दिखाया तो उसको मानने से इंकार कर दिया। जब तक राष्ट्रपति उधमपुर में रहे, तब तक उनको गांव से बाहर नहीं जाने दिया।
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ग्रामीणों ने कहा कि करीब 20 वर्ष से इसी तरह सेना उनको परेशान कर रही है। प्रशासन के हस्तक्षेप करने पर ही उनको जाने की अनुमति मिलती है। कई बार इसको लेकर प्रदर्शन भी किया, लेकिन परेशानी दूर नहीं हुई। बीते तीन दिनों में तो कई दिहाड़ीदार काम पर भी नहीं जा सके। इस परेशानी का हल ग्रामीणों के लिए सैनिक क्षेत्र के बाहर से मार्ग तैयार करना है, ताकि उनको सैनिक क्षेत्र जाने की जरूरत न पड़े। उपायुक्त ने उनको जल्द इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
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गांव ने दी थी सेना को जमीन
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि 15 दिन के अंदर अगर मांग को पूरा नहीं किया जाता है तो सभी लोग परिवार सहित राजमार्ग को बंद कर भूख हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे। दर्शन सिंह ने कहा कि गांव सेना की बटालियन बनने से पहले का है। ग्रामीणों ने ही अपनी जमीन सेना को दी थी। और आज ग्रामीणों को ही जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।