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Udhampur News: प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट से पंचायतें बन रहीं सशक्त

Fri, 17 Jan 2025 03:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Fri, 17 Jan 2025 03:23 AM IST
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Panchayats are becoming empowered with plastic waste processing units
नरसू में स्थापित की गई प्ला​स्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट। संवाद - फोटो : udhampur
- कच्चे माल के साथ खाद भी हो रही तैयार, सड़क व ईंट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी होगी तैयार
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- नरसू और सुद्धमहादेव में संचालन जारी, उधमपुर, रामनगर व चिनैनी में भी जल्द होंगे स्थापित
सौरभ सागर
उधमपुर। अगर आपकी नजर किसी चीज की परख करने की अच्छी क्षमता रखती है, तो आप कोयले को भी हीरा बना सकते हैं। कुछ ऐसे ही प्रयास स्वच्छ भारत मिशन के तहत उधमपुर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन कर रहा है। इसमें प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से कचरे से कच्चा माल और गीले कचरे से खाद तैयार कर पंचायत को आर्थिक व आंतरिक रूप से सशक्त बनाने की कोशिश की जा रही है।
जिला विकास आयुक्त सलोनी राय के दिशा निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में दो प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए गए हैं। इनमें एक सुद्धमहादेव और दूसरा नरसू ब्लाक में लगाया गया है। दोनों यूनिट साथ लगते अन्य ब्लाॅक को भी कवर करेंगे। प्रत्येक यूनिट को लगभग 16 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया है। अगले 15 दिनों में उधमपुर, रामनगर और चिनैनी में भी एक-एक यूनिट स्थापित होने जा रही है। मौजूदा समय में उधमपुर के सुद्धमहादेव और नरसू में चल रही युनिट के माध्यम से प्लास्टिक को ग्राइंड कर दाने तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें आगे चलकर औद्योगिक इकाइयों का बेच दिया जाएगा। इससे प्राप्त होने वाले रेवन्यू से सभी खर्चे निकालकर लगभग 20 प्रतिशत पंचायत के खाते में जमा किए जाएंगे, जबकि 5 हजार रुपये मासिक ब्लॉक आफिस में जमा कराने होंगे। (संवाद)
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नए उत्पाद के लिए होगा कई तरह का कच्चा माल तैयार
जिले में लगभग पांच परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें से दो का संचालन तो शुरू कर दिया गया, लेकिन तीन को अभी स्थापित किया जाना है। हालांकि यह परियोजना प्रदेश के अन्य जिलों में भी शुरू की गई है, लेकिन उधमपुर में स्थापित यूनिट के मॉडल को प्रदेश में सबसे बेहतर मान्यता प्राप्त हुई है। क्योंकि यहां पर मौजूदा समय में दो मशीनें स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से प्लास्टिक की कुर्सियां, टब, गैलन, टेबल आदि जैसे कबाड़ को बारिक कर दाने के रूप में तैयार किया जाता है और यह दाने नए उत्पादों को तैयार करने के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाते है। मौजूदा समय में नरसू यूनिट में लगभग 30 हजार रुपये का कच्चा माल तैयार किया जा चुका है, जबकि पालीथीन, पन्नियों आदि के लिए बेलिंग मशीन लगाई गई है। इससे प्लास्टिक, सिमेंट बैग, बोरियां और रस्सियों का कच्चा माल तैयार किया जा रहा है। उच्च मात्रा में कच्चा माल तैयार होने पर इन्हें प्रदेश की स्थानीय या फिर बाहरी राज्यों की उच्च औद्योगिक इकाइयों को बेच दिया जाएगा।
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गिले कचरे से फसलों की पैदावार होगी बेहतर

वहीं घरों की रसोई से निकलने वाले गिले और सूखे कचरे के माध्यम से यूनिट में खाद तैयार करने की प्रक्रिया का भी संचालन किया जा रहा है। इससे तैयार होने वाली खाद को पंचायत के किसानों को दिया जाएगा, जिससे किसान जैविक खेती के माध्यम से अपनी फसलों की अच्छी पैदावार कर सकेंगे।
नई मशीनों से ईंट व सड़क निर्माण सामग्री होगी तैयार
प्रशासन की ओर से इन यूनिट के संचालन के लिए प्राइवेट एजेंसी को ठेका दिया गया है। एजेंसी क्षेत्र के कबाड़ियों और डोर टू डोर सेवा के माध्यम से कचरा प्राप्त करती है। प्रत्येक कचरे को अलग किया जाता है। इन्हें रिसाइकिल, खाद, कच्चे माले के रूप में तैयार होने वाली विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। इसके बाद यूनिट की प्रोसेसिंग प्रक्रिया शुरू होती है। हालांकि सेनेटरी पैड, डाइपर जैसे कचरे के निस्तारण के लिए वाश आउट और ड्रायर मशीनें भी कुछ दिनों में लगने वाली हैं। इसके माध्यम से हानिकारक मॉइस्चर खत्म कर उससे तैयार होने वाली राख को ईंट या फिर सड़क निर्माण में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

सुरक्षित पर्यावरण के उद्देश्य से शुरू हुए नए प्रयास
असिस्टेंट कमिश्नर पंचायत तनवीर उल मजीद ने बताया कि सरकार की ओर से जिले को प्लास्टिक से मुक्त करने और सुरक्षित पर्यावरण मुहैया कराने के उद्देश्य से यह प्रयास किए गए हैं। यूनिट में आउट सोर्स एजेंसी के माध्यम बेहतरीन मॉडल तैयार किया गया है, जिससे रेवन्यू के अर्जित करने के साथ ही योजना का भी बेहतरीन संचालन हो रहा है।
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