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Udhampur News: दो किमी पहाड़ी पर जाकर करनी पड़ती है मोबाइल बात
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रामनगर। रामनगर डूडू के घार कटयास गांव में ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क न मिलने से लोगों को दो किलोमीटर दूर घार की पहाड़ी पर जाकर बात करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
स्थानीय निवासी संघार सिंह, अंकू ठाकुर, कुलबीर सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, रिंकू ठाकुर, जगदेव सिंह, कुलदीप सिंह, प्रीतम सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया पिछले दो वर्षों से घार, केल और कटयास गांव में मोबाइल नेटवर्क न मिलने से ग्रामीणों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर गांव में कोई अनहोनी घट जाए तो लोगों को उसकी जानकारी भी कई देर के बाद मिलती है। ग्रामीणों ने बताया जरूरी बात करनी पड़ी तो दो किलोमीटर दूर घार की पहाड़ी पर जाकर बात करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि डूडू में एक कंपनी का टावर लगा हुआ है। सिर्फ उसी का ही सिग्नल गांव में पहुंचता है लेकिन पिछले दो वर्षों से मोबाइल सिग्नल में कमी आ रही है। ग्रामीणों ने मोबाइल टावर में सिग्नल बढ़ाने की मांग की है।
एंबुलेंस बुलाने में आती है परेशानी
इन तीन गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से ग्रामीणों को सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। जननी एक्सप्रेस, 108 एंबुलेंस और 100 डायल की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीण ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है। ग्रामीणों ने जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
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स्थानीय निवासी संघार सिंह, अंकू ठाकुर, कुलबीर सिंह, पुरुषोत्तम कुमार, रिंकू ठाकुर, जगदेव सिंह, कुलदीप सिंह, प्रीतम सिंह व अन्य ग्रामीणों ने बताया पिछले दो वर्षों से घार, केल और कटयास गांव में मोबाइल नेटवर्क न मिलने से ग्रामीणों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर गांव में कोई अनहोनी घट जाए तो लोगों को उसकी जानकारी भी कई देर के बाद मिलती है। ग्रामीणों ने बताया जरूरी बात करनी पड़ी तो दो किलोमीटर दूर घार की पहाड़ी पर जाकर बात करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि डूडू में एक कंपनी का टावर लगा हुआ है। सिर्फ उसी का ही सिग्नल गांव में पहुंचता है लेकिन पिछले दो वर्षों से मोबाइल सिग्नल में कमी आ रही है। ग्रामीणों ने मोबाइल टावर में सिग्नल बढ़ाने की मांग की है।
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एंबुलेंस बुलाने में आती है परेशानी
इन तीन गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से ग्रामीणों को सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। जननी एक्सप्रेस, 108 एंबुलेंस और 100 डायल की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। ग्रामीण ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से भी वंचित हैं। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है। ग्रामीणों ने जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।
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