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Udhampur News: उपराज्यपाल ने किया संत ईश्वर परिसर का किया लोकार्पण
Mon, 01 May 2023 01:59 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 01 May 2023 01:59 AM IST
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उधमपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, इसके अनुरूप बाजार में हो रहे बदलाव के मुताबिक कौशल और व्यवसायिक प्रशिक्षण से बच्चों में वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करके उनकी संपूर्ण योग्यता और क्षमता को समाज व राष्ट्र के हित में लगा सकते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति से हमें यह महत्वपूर्ण अवसर मिला है। ये विचार जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उधमपुर में संत ईश्वर परिसर और भारतीय विद्या मंदिर के वार्षिक समारोह में व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्वस्थ चेतना और आधुनिक कौशलयुक्त विद्यार्थी तैयार करने का आधार प्रदान करती है। संस्कृति के मूल्यों एवं नवीनतम तकनीक में संतुलन स्थापित करके कामयाबी का शिखर छूने के लिए प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि एक सर्वे में पाया गया था कि 5 साल का बच्चा प्रतिदिन 300 प्रश्त पूछता है। लेकिन, वही बच्चा जब 20 साल का होता है तो उसके प्रश्न पूछने की योग्यता केवल तीन प्रश्नों तक सीमित रह जाती है। नई शिक्षा नीति इसका समाधान निकालती है। इससे बच्चों पर बोझ कम पड़ेगा और उसकी प्रतिभा में निखार होगा। हम किसी आदमी को अनाज दे तो उसके एक दिन के भोजन की व्यवस्था होगी। लेकिन किसी व्यक्ति को अगर कोई गुण सिखा दे तो समझो उसके जीवन भर के खाने का प्रबंध कर दिया है। उन्होंने कहा कि संत ईश्वर फाउंडेशन और भारतीय विद्या मंदिर स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्वस्थ चेतना और आधुनिक कौशलयुक्त विद्यार्थी तैयार करने का आधार प्रदान करती है। संस्कृति के मूल्यों एवं नवीनतम तकनीक में संतुलन स्थापित करके कामयाबी का शिखर छूने के लिए प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि एक सर्वे में पाया गया था कि 5 साल का बच्चा प्रतिदिन 300 प्रश्त पूछता है। लेकिन, वही बच्चा जब 20 साल का होता है तो उसके प्रश्न पूछने की योग्यता केवल तीन प्रश्नों तक सीमित रह जाती है। नई शिक्षा नीति इसका समाधान निकालती है। इससे बच्चों पर बोझ कम पड़ेगा और उसकी प्रतिभा में निखार होगा। हम किसी आदमी को अनाज दे तो उसके एक दिन के भोजन की व्यवस्था होगी। लेकिन किसी व्यक्ति को अगर कोई गुण सिखा दे तो समझो उसके जीवन भर के खाने का प्रबंध कर दिया है। उन्होंने कहा कि संत ईश्वर फाउंडेशन और भारतीय विद्या मंदिर स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे है।
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