फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   Laddan bridge is inviting pit accidents

लड्डन पुल बने गड्ढे हादसों को दे रहे न्यौता

विज्ञापन
Laddan bridge is inviting pit accidents
लड्डन पुल की जर्जर हालत हादसों को दे रही न्यौता। संवाद - फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। जिला प्रशासन कई दशकों के बाद भी लड्डन क्षेत्र में तवी नदी पर स्थायी पुल तैयार नहीं कर पाया है। इससे आज भी तवी नदी के पार पड़ते इलाके लड्डन, कैरा, औसू, पखलाई, काल्डी, बरमीन तथा ब्लॉक घोरडी के तमाम लोग तवी नदी पर करीब पांच दशक पहले बने एक नहर रूपी अस्थायी लड्डन (सलमेह) पुल से होकर गुजरने को मजबूर हैं। यही ऐसा एकमात्र पुल है जिसके सहारे ब्लॉक घोरडी और इसके साथ लगते इलाकों की तमाम जनता जिला मुख्यालय तक पहुंचती है। इसकी उचित देखभाल नहीं होने के कारण मौजूदा समय में यह पुल भी काफी जर्जर हालत में है। जिसपर जल्द ध्यान नहीं दिए जाने से यहां कभी भी कोई अप्रिय हादसा होने का जोखिम बना हुआ है।
विज्ञापन

कई बार ग्रामीण इस पुल की हालत सुधारने की मांग उठा चुके हैं। लेकिन अभी कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है। इससे इस पुल की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। पूरे पुल के ऊपर गड्ढे बन गए हैं। तारकोल पूरी तरह से उखड़ चुकी है। हालांकि पुल के भीतर बनी नहर को तो बहुत पहले से बंद कर दिया गया था लेकिन इससे पानी का रिसाव अब भी लगातार होता रहता है। रेलिंग भी जगह-जगह से टूट चुकी हैं। इसकी मरम्मत पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन

उधर ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डाल कर पुल से सफर करने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि उधमपुर के साथ लगते लड्डन, पखलाई, औसू कैरा, तथा काल्डी, बरमीन व ब्लॉक घोरडी के तमाम हिस्सों को जिला मुख्यालय से जोड़ने का सारा दारोमदार इसी पुल के सहारे है। यही एकमात्र पुल है जो घोरडी व पखलाई रोड़ को जिला मुख्यालय से जोड़ता है। इन क्षेत्रों से आने जाने वाली सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियों के अलावा रेत बजरी से लदे भारी वाहन भी रोजाना इस पुल से होकर गुजरते हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में हर खास लोगों से लेकर छात्र वर्ग व हर वर्ग के लोग इस पुल से होकर जिला मुख्यालय पहुंचते है और पुल की खस्ताहालत से हर किसी को परेशानी पेश आती है। लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन न तो तवी नदी के इस हिस्से पर अभी तक दूसरा कोई पुल तैयार कर पाया है और न ही इस पुल की मरम्मत पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। लोग दशकों से इंतजार में हैं कि प्रशासन यहां एक स्थायी पुल तैयार कर राहत प्रदान करेगा लेकिन उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए आज तक कोई भी काम नहीं किया गया है। जबकि उचित देखभाल के अभाव में यह एकमात्र पुल भी काफी जर्जर हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed