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Udhampur News: बाणगंगा में यात्रा मार्ग खोलने के लिए बारिश में भी जुटे रहे कर्मचारी
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प्राचीन मार्ग में बाणगंगा में हुए भूस्खलन के बाद सफाई अभियान करते हुए
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के प्रवेश द्वार बाणगंगा में हुआ था भारी भूस्खलन
मलबा और पत्थर गिरने से बैटरी कार मार्ग अभी बंद, प्राचीन मार्ग से यात्रा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा समेत त्रिकुटा पर्वत पर रविवार रात से रुक-रुककर भारी बारिश ने यात्रा को काफी प्रभावित किया है। बाणगंगा में पहाड़ी से हुए भूस्खलन में गिरने भारी मलबा और पत्थर को हटाने में कर्मचारी बारिश के दौरान भी जुटे रहे। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल की टीमों के सदस्यों ने कड़ी मशक्कत के बाद यात्रा के इस पुराने मार्ग को आंशिक तौर पर खोल लिया। इसके साथ ही सावधानीपूर्वक तीर्थयात्रियों को भवन की ओर रवाना किया जाने लगा।
बाणगंगा में भूस्खलन से यात्री ताराकोट मार्ग से यात्रा पर जाते रहे लेकिन अर्द्धकुंवारी से आगे बैटरी कार मार्ग पर हिमकोटी में भी भूस्खलन हुआ है। इससे यह मार्ग बंद है और इस स्थिति में श्रद्धालु प्राचीन मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। बैटरी कार मार्ग मार्ग उन श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख होता है जो पैदल यात्रा के बजाय बैटरी कार से यात्रा करना पसंद करते हैं। मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बाणगंगा में लगातार राहत कार्य के चलते दोपहर करीब 3:30 बजे इसे आंशिक रूप से साफ कर दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को वहां से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। अब श्रद्धालु प्राचीन मार्ग से होकर मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति और प्रशासन की सलाह का पालन करते रहें।
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श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की टीमें पूरे मार्ग पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति फिर बिगड़ सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें, अनावश्यक भीड़ न लगाएं और केवल अधिकृत मार्गों से ही यात्रा करें।प्राकृतिक आपदाओं के बीच मां वैष्णो देवी यात्रा प्रशासन की चुस्त व्यवस्था और तत्परता के कारण धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बारिश और भूस्खलन जैसी बाधाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो और यात्रा जल्द सामान्य हो सके।
शाम चार बजे तक 15 हजार श्रद्धालु रवाना हो चुके थे
त्रिकुटा पर्वत पर बारिश के चलते कटड़ा-सांझी छत हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। यात्रा पंजीकरण कक्षा से मिली जानकारी के अनुसार शाम 4:00 बजे तक 15 हजार भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इसके पहले सोमवार को 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। हेलीकॉप्टर व बैटरी कार सेवा प्रभावित रहने के कारण श्रद्धालु घोड़ा, पिठ्ठू और पालकी का सहारा भी यात्रा पर रवाना हुए।
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मलबा और पत्थर गिरने से बैटरी कार मार्ग अभी बंद, प्राचीन मार्ग से यात्रा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा समेत त्रिकुटा पर्वत पर रविवार रात से रुक-रुककर भारी बारिश ने यात्रा को काफी प्रभावित किया है। बाणगंगा में पहाड़ी से हुए भूस्खलन में गिरने भारी मलबा और पत्थर को हटाने में कर्मचारी बारिश के दौरान भी जुटे रहे। माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल की टीमों के सदस्यों ने कड़ी मशक्कत के बाद यात्रा के इस पुराने मार्ग को आंशिक तौर पर खोल लिया। इसके साथ ही सावधानीपूर्वक तीर्थयात्रियों को भवन की ओर रवाना किया जाने लगा।
बाणगंगा में भूस्खलन से यात्री ताराकोट मार्ग से यात्रा पर जाते रहे लेकिन अर्द्धकुंवारी से आगे बैटरी कार मार्ग पर हिमकोटी में भी भूस्खलन हुआ है। इससे यह मार्ग बंद है और इस स्थिति में श्रद्धालु प्राचीन मार्ग से यात्रा कर रहे हैं। बैटरी कार मार्ग मार्ग उन श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख होता है जो पैदल यात्रा के बजाय बैटरी कार से यात्रा करना पसंद करते हैं। मार्ग बंद होने से यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार बाणगंगा में लगातार राहत कार्य के चलते दोपहर करीब 3:30 बजे इसे आंशिक रूप से साफ कर दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को वहां से आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। अब श्रद्धालु प्राचीन मार्ग से होकर मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति और प्रशासन की सलाह का पालन करते रहें।
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श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की टीमें पूरे मार्ग पर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति फिर बिगड़ सकती है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें, अनावश्यक भीड़ न लगाएं और केवल अधिकृत मार्गों से ही यात्रा करें।प्राकृतिक आपदाओं के बीच मां वैष्णो देवी यात्रा प्रशासन की चुस्त व्यवस्था और तत्परता के कारण धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बारिश और भूस्खलन जैसी बाधाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और प्रशासन की मुस्तैदी ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की जनहानि न हो और यात्रा जल्द सामान्य हो सके।
शाम चार बजे तक 15 हजार श्रद्धालु रवाना हो चुके थे
त्रिकुटा पर्वत पर बारिश के चलते कटड़ा-सांझी छत हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। यात्रा पंजीकरण कक्षा से मिली जानकारी के अनुसार शाम 4:00 बजे तक 15 हजार भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। इसके पहले सोमवार को 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। हेलीकॉप्टर व बैटरी कार सेवा प्रभावित रहने के कारण श्रद्धालु घोड़ा, पिठ्ठू और पालकी का सहारा भी यात्रा पर रवाना हुए।