रामनगर। कस्बे में व्यापारियों ने मंगलवार को बैठक की। इसमें रामनगर तहसील को जिले का दर्जा देने की मांग की गई।
बैठक व्यापार मंडल के प्रधान जोगिंदर कुमार बंगाथिया के नेतृत्व में बैठक हुई। इस दौरान प्रधान ने पत्रकारवार्ता में बताया कि उधमपुर जिले की बहुत बड़ी तहसील रामनगर हुआ करती थी। यह तहसील राजा महाराजाओं के जमाने की बड़ी एक तहसील थी लेकिन इसको सरकार ने अनदेखा किया और जिले का दर्जा अभी तक नहीं मिला। कई बार जिला बनाने की मांग को लेकर लोगों ने धरना प्रदर्शन भी किए लेकिन सरकार ने लोगों की मांग अभी तक पूरी नहीं की। उन्होंने बताया कि रामनगर तहसील की अब तीन चार तहसीलें बन चुकी हैं। इससे मजालता, बसंतगढ़, लाटी व अन्य इलाकों को तहसील का दर्जा मिल गया था। किसी भी सरकार ने रामनगर को जिले का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने बताया कि जिले का दर्जा नहीं मिलने से रामनगर के व्यापारी परेशान हैं। दुकानों में व्यापारियों के कारोबार में गिरावट आई हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जब तक रामनगर तहसील को जिले का दर्जा नहीं मिलता, तब तक एडिशनल डीसी को रामनगर में बिठाया जाए ताकि दूरदराज के लोगों के कार्य रामनगर में ही हो सकें। व्यापारियों ने विधायक सुनील भारद्वाज और सरकार से मांग की जल्द ही लोगों की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए और रामनगर को जिला बनाने की मांग पूरी की जाए। अन्यथा व्यापारी वर्ग सड़कों पर उतने के लिए मजबूर हो जाएगा। बैठक में काफी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।