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उधमपुर में सप्ताह भर चलने वाला जनजातीय गौरव दिवस समारोह संपन्न
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उधमपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते युवा
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर/मजालता। जिले में जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक समारोह मंगलवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने ब्लॉक मजालता के चढ़वाह ग्राम में एक भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया था।
इसमें डीडीसी उपाध्यक्ष जूही मन्हास पठानिया, उपायुक्त इंदु कंवल चिब, बीडीसी अध्यक्ष दीना नाथ भगत और डीडीसी पार्षद अमित शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत में डीडीसी उपाध्यक्ष ने प्रतिभागियों को वन अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डीसी ने कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य जनजातीय गौरव दिवस के उत्सव के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम जनजातीय आबादी को बुनियादी अधिकारों की गारंटी देता है। डीसी ने जनजातीय स्थिति और पहचान को मजबूत करने के लिए नई पीढ़ी को सख्ती से काम करने पर जोर दिया। इससे पहले जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के सामने जलापूर्ति में वृद्धि, निर्बाध बिजली आपूर्ति, मोबाइल स्कूलों का समुचित संचालन, सामुदायिक भवन की मरम्मत, आदर्श गांव की स्थापना, सड़क संपर्क, चान्नी मानसर में पंचायत घर के निर्माण और खेल का मैदान की मांग रखी।
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डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक मांगों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। उन्होंने जिला और तहसील प्रशासन के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर मुद्दों को हल करने के लिए भी कहा। साथ ही प्रतिभागियों को अवगत कराया कि भारत सरकार ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने सदस्यों से आगे आने और अपने आर्थिक विकास के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कहा।
इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समुदाय के सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा करने का भी आग्रह किया। डीसी ने प्रतिभागियों को अपनी जमीन अपनी निगरानी पहल के लाभों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने सभा से अपील की कि वे पहल का लाभ उठाएं, क्योंकि यह नामित पोर्टल पर उनके भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुंच प्रदान करता है। मुख्य शिक्षा अधिकारी को मोबाइल स्कूलों के संबंध में आदिवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक करने के लिए कहा।
इसके अलावा तहसीलदार मजालता को क्षेत्र का दौरा करने और हैंडपंप के लिए भूमि का सीमांकन करने का निर्देश दिया। इस मौके पर गुर्जर बकरवाल छात्रावास के छात्रों और स्थानीय छात्रों ने कई विषयों पर आधारित सांस्कृतिक नाटक, गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। बाद में डीसी ने लाभार्थियों के बीच एफआरए प्रमाण पत्र बांटे। इस अवसर पर सर्वेक्षण और भूमि अभिलेख के क्षेत्रिय निदेशक नवाब दीन, एसीआर विकार गिरी, सहायक आयुक्त विकास मुश्ताक चौधरी, आदि मौजूद रहे।
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इसमें डीडीसी उपाध्यक्ष जूही मन्हास पठानिया, उपायुक्त इंदु कंवल चिब, बीडीसी अध्यक्ष दीना नाथ भगत और डीडीसी पार्षद अमित शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत में डीडीसी उपाध्यक्ष ने प्रतिभागियों को वन अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी दी। इसके बाद डीसी ने कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य जनजातीय गौरव दिवस के उत्सव के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता पैदा करना है।
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उन्होंने कहा कि यह अधिनियम जनजातीय आबादी को बुनियादी अधिकारों की गारंटी देता है। डीसी ने जनजातीय स्थिति और पहचान को मजबूत करने के लिए नई पीढ़ी को सख्ती से काम करने पर जोर दिया। इससे पहले जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के सामने जलापूर्ति में वृद्धि, निर्बाध बिजली आपूर्ति, मोबाइल स्कूलों का समुचित संचालन, सामुदायिक भवन की मरम्मत, आदर्श गांव की स्थापना, सड़क संपर्क, चान्नी मानसर में पंचायत घर के निर्माण और खेल का मैदान की मांग रखी।
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डीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी वास्तविक मांगों को चरणबद्ध तरीके से हल किया जाएगा। उन्होंने जिला और तहसील प्रशासन के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर मुद्दों को हल करने के लिए भी कहा। साथ ही प्रतिभागियों को अवगत कराया कि भारत सरकार ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने सदस्यों से आगे आने और अपने आर्थिक विकास के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कहा।
इसके अलावा उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समुदाय के सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा करने का भी आग्रह किया। डीसी ने प्रतिभागियों को अपनी जमीन अपनी निगरानी पहल के लाभों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने सभा से अपील की कि वे पहल का लाभ उठाएं, क्योंकि यह नामित पोर्टल पर उनके भूमि रिकॉर्ड तक आसान पहुंच प्रदान करता है। मुख्य शिक्षा अधिकारी को मोबाइल स्कूलों के संबंध में आदिवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक करने के लिए कहा।
इसके अलावा तहसीलदार मजालता को क्षेत्र का दौरा करने और हैंडपंप के लिए भूमि का सीमांकन करने का निर्देश दिया। इस मौके पर गुर्जर बकरवाल छात्रावास के छात्रों और स्थानीय छात्रों ने कई विषयों पर आधारित सांस्कृतिक नाटक, गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। बाद में डीसी ने लाभार्थियों के बीच एफआरए प्रमाण पत्र बांटे। इस अवसर पर सर्वेक्षण और भूमि अभिलेख के क्षेत्रिय निदेशक नवाब दीन, एसीआर विकार गिरी, सहायक आयुक्त विकास मुश्ताक चौधरी, आदि मौजूद रहे।

उधमपुर में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते युवा- फोटो : UDHAMPUR