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Udhampur News: रिश्वत के आरोपों पर पंचायत सचिव निलंबित
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डोडा। जिले में पंचायत सचिव पर रिश्वत लेने के लगाए गए आरोपों के मामले में ग्रामीण विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव चंचल सिंह, ब्लॉक जक्यास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग ने मामले की गहन जांच के भी आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब डोडा विधायक महराज मलिक ने बीते दिन सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से दावा किया था कि संबंधित अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। विधायक द्वारा वीडियो जारी किए जाने के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने मामले की जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया। इसके बाद 10 सितंबर को निदेशक ग्रामीण विकास विभाग, जम्मू की ओर से आदेश जारी कर चंचल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान पंचायत सचिव को सहायक आयुक्त विकास, उधमपुर के कार्यालय से अटैच किया गया है। वहीं नीरज शर्मा, जेकेएएस, सहायक आयुक्त पंचायत, किश्तवाड़ को मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांच अधिकारी को मामले के सभी तथ्यों की जांच कर 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और स्पष्ट सिफारिशें विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि रिश्वत लेने के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। विभाग की इस कार्रवाई को विधायक के आरोपों और वायरल वीडियो के बाद हुई पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने मामले की जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया। इसके बाद 10 सितंबर को निदेशक ग्रामीण विकास विभाग, जम्मू की ओर से आदेश जारी कर चंचल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान पंचायत सचिव को सहायक आयुक्त विकास, उधमपुर के कार्यालय से अटैच किया गया है। वहीं नीरज शर्मा, जेकेएएस, सहायक आयुक्त पंचायत, किश्तवाड़ को मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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जांच अधिकारी को मामले के सभी तथ्यों की जांच कर 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट और स्पष्ट सिफारिशें विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि रिश्वत लेने के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। विभाग की इस कार्रवाई को विधायक के आरोपों और वायरल वीडियो के बाद हुई पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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