फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   jammu kashmir news

Udhampur News: 61 और स्कूल क्षतिग्रस्त, सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या बरकरार

विज्ञापन
jammu kashmir news
उधमपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में जर्जर और क्षतिग्रस्त इमारतों की समस्या खत्म होने के बजाय लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में जिले के 90 सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर और असुरक्षित पाई गई थी। अब सत्र 2026-27 में अब तक की रिपोर्ट में 61 और सरकारी स्कूल क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग के सामने चुनौती और बढ़ गई है।
विज्ञापन

पिछले साल बरसात के दौरान कई सरकारी स्कूलों की इमारतों में दरारें, क्षतिग्रस्त छतें, खराब कमरे, रसोईघर और शौचालय जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल भवनों की दोबारा जांच करवाने के निर्देश दिए थे। अब क्षतिग्रस्त स्कूलों की नई सूची में 61 स्कूलों और दर्ज हो गए हैं। जिससे जिले के सरकारी स्कूलों में भवनों की स्थिति अभी भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। मुख्य शिक्षा कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार 61 स्कूल क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। इनमें 4 स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त, 52 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त और 5 स्कूल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त श्रेणी में हैं। स्कूल स्तर के हिसाब से देखें तो 2 हायर सेकेंडरी, 8 हाई, 26 मिडिल और 25 प्राइमरी स्कूल सूची में शामिल हैं। सूची में चार स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। ऐसे भवनों में विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जोनवार आंकड़ों में जिब जोन सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 26 स्कूल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पाए गए हैं।
विज्ञापन

पिछले शैक्षणिक सत्र और अब तक के आंकड़ों के अनुसार ग्राफ

शिक्षा जोन पिछले साल इस साल अभी तक क्षतिग्रस्त स्कूल

रामनगर 18 0

उधमपुर 8 6

पंचैरी 11 1

चिनैनी 10 4

घोरड़ी 8 0

बबे 10 3

कुलवंता 9 2

डुडू 5 6

टिकरी 7 9

जिब 4 26

मजालता 4 4

कुल 90 61
कोट
स्कूल भवनों की मरम्मत को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह से कार्य कर रहा है। क्षतिग्रस्त स्कूलों की स्थिति की नियमित निगरानी की जा रही है और इसकी दैनिक रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है, ताकि मरम्मत कार्य में तेजी लाई जा सके। पिछले वर्ष की रिपोर्ट में शामिल स्कूलों में से कुछ स्कूलों की मरम्मत की जाएगी और जो स्कूल बचेंगे उनकी रिपोर्ट दोबारा तैयार कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सुनील खजूरिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed