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Udhampur News: नो-रेहड़ी जोन से शहर के बाजार बनेंगे जाम मुक्त, तैयारियां शुरू
Mon, 25 May 2026 12:43 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Mon, 25 May 2026 12:43 AM IST
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उधमपुर। शहर में पहले घोषित नो रेहड़ी जोन में लगी रेहड़ियां : संवाद
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बाजारों में रेहड़ियों की भरमार से प्रभावित हो रहा दुकानदारों का कारोबार
नो-रेहड़ी जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू, अवैध रेहड़ियों को किया जाएगा स्थानांतरित
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर की तंग सड़कों पर रेहड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब तक रेहड़ी जोन और नो-रेहड़ी जोन की प्रभावी व्यवस्था लागू नहीं कर पाया है। बीते कई वर्षों से इस दिशा में प्रयास किए जाते रहे हैं लेकिन ठोस कार्य योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। परिणामस्वरूप शहर में यातायात जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजारों में रेहड़ियों की भरमार से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
अब एक बार फिर शहर को जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से बाजारों में नो-रेहड़ी जोन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। व्यापार मंडल के सहयोग से तैयार प्रस्ताव को नगर परिषद ने मंजूरी के लिए प्रशासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत शहर के अत्यधिक व्यस्त बाजारों में कई महत्वपूर्ण स्थानों को नो-रेहड़ी जोन घोषित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ियों को हटाकर अन्य निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
शहर में बढ़ रहीं रेहड़ियां
शहर में रेहड़ियों की संख्या बढ़ने से आम जनता और व्यापारी दोनों परेशान हैं। सभी प्रमुख बाजारों में दिनभर रेहड़ियों की भरमार रहती है। बस अड्डा, सिटी लाइट चौक, गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, कोर्ट रोड, सलाथिया चौक, अस्पताल रोड, सैला तालाब चौक, वीनस चौक और धार रोड सहित कई क्षेत्रों में बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियां लग रही हैं। नगर परिषद समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई करती है लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
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250 लाइसेंसधारी, 700 से अधिक अवैध रेहड़ियां
शहर में लाइसेंसधारी रेहड़ियों की संख्या लगभग 250 है जबकि प्रतिदिन 700 से अधिक बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियां बाजारों में लगाई जा रही हैं। इन रेहड़ियों के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं और चौपहिया वाहनों के प्रवेश करते ही लंबा जाम लग जाता है। कई बार लोगों को पैदल निकलने तक में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। रेहड़ी-फड़ी एसोसिएशन स्वयं भी इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कई बार उठा चुकी है।
पांच वर्ष पहले बना दिए थे नो-रेहड़ी जोन, सिर्फ बोर्ड ही लगे
पांच वर्ष पूर्व नगर परिषद ने गोल मार्केट, इंदिरा चौक, बस अड्डा मार्ग, मुखर्जी बाजार, कोर्ट रोड, रामनगर चौक, सलाथिया चौक और बस अड्डा क्षेत्र को नो-रेहड़ी जोन घोषित किया था। हालांकि यह व्यवस्था केवल बोर्ड लगाने तक ही सीमित रही। इन क्षेत्रों में आज भी बिना किसी रोकटोक के रेहड़ियां लग रही हैं।
रेहड़ी जोन बनाने के प्रयास भी नहीं हुए सफल
नगर परिषद ने वर्ष 2020 में शहर में रेहड़ी जोन बनाने की योजना तैयार की थी लेकिन रेहड़ी चालकों के विरोध के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका। इसी बीच कोरोना महामारी आने से योजना अधूरी रह गई। इसके बाद लगभग दो वर्ष पहले कल्लर क्षेत्र में धार रोड किनारे रेहड़ी जोन विकसित करने का प्रयास किया गया लेकिन भूमि विवाद के कारण यह योजना भी सफल नहीं हो पाई।
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वर्जन
शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। व्यापार मंडल की ओर से तैयार नो-रेहड़ी जोन प्रस्ताव को मंजूरी के लिए अग्रेषित किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियों को हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। रेहड़ी चालकों की आजीविका प्रभावित न हो इसके लिए रेहड़ी जोन विकसित करने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश भी जारी है।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद
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नो-रेहड़ी जोन बनाने की प्रक्रिया शुरू, अवैध रेहड़ियों को किया जाएगा स्थानांतरित
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर की तंग सड़कों पर रेहड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन अब तक रेहड़ी जोन और नो-रेहड़ी जोन की प्रभावी व्यवस्था लागू नहीं कर पाया है। बीते कई वर्षों से इस दिशा में प्रयास किए जाते रहे हैं लेकिन ठोस कार्य योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। परिणामस्वरूप शहर में यातायात जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजारों में रेहड़ियों की भरमार से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
अब एक बार फिर शहर को जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से बाजारों में नो-रेहड़ी जोन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। व्यापार मंडल के सहयोग से तैयार प्रस्ताव को नगर परिषद ने मंजूरी के लिए प्रशासन को भेज दिया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके तहत शहर के अत्यधिक व्यस्त बाजारों में कई महत्वपूर्ण स्थानों को नो-रेहड़ी जोन घोषित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ियों को हटाकर अन्य निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
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शहर में बढ़ रहीं रेहड़ियां
शहर में रेहड़ियों की संख्या बढ़ने से आम जनता और व्यापारी दोनों परेशान हैं। सभी प्रमुख बाजारों में दिनभर रेहड़ियों की भरमार रहती है। बस अड्डा, सिटी लाइट चौक, गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, कोर्ट रोड, सलाथिया चौक, अस्पताल रोड, सैला तालाब चौक, वीनस चौक और धार रोड सहित कई क्षेत्रों में बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियां लग रही हैं। नगर परिषद समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई करती है लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
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250 लाइसेंसधारी, 700 से अधिक अवैध रेहड़ियां
शहर में लाइसेंसधारी रेहड़ियों की संख्या लगभग 250 है जबकि प्रतिदिन 700 से अधिक बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियां बाजारों में लगाई जा रही हैं। इन रेहड़ियों के कारण सड़कें संकरी हो जाती हैं और चौपहिया वाहनों के प्रवेश करते ही लंबा जाम लग जाता है। कई बार लोगों को पैदल निकलने तक में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। रेहड़ी-फड़ी एसोसिएशन स्वयं भी इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कई बार उठा चुकी है।
पांच वर्ष पहले बना दिए थे नो-रेहड़ी जोन, सिर्फ बोर्ड ही लगे
पांच वर्ष पूर्व नगर परिषद ने गोल मार्केट, इंदिरा चौक, बस अड्डा मार्ग, मुखर्जी बाजार, कोर्ट रोड, रामनगर चौक, सलाथिया चौक और बस अड्डा क्षेत्र को नो-रेहड़ी जोन घोषित किया था। हालांकि यह व्यवस्था केवल बोर्ड लगाने तक ही सीमित रही। इन क्षेत्रों में आज भी बिना किसी रोकटोक के रेहड़ियां लग रही हैं।
रेहड़ी जोन बनाने के प्रयास भी नहीं हुए सफल
नगर परिषद ने वर्ष 2020 में शहर में रेहड़ी जोन बनाने की योजना तैयार की थी लेकिन रेहड़ी चालकों के विरोध के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका। इसी बीच कोरोना महामारी आने से योजना अधूरी रह गई। इसके बाद लगभग दो वर्ष पहले कल्लर क्षेत्र में धार रोड किनारे रेहड़ी जोन विकसित करने का प्रयास किया गया लेकिन भूमि विवाद के कारण यह योजना भी सफल नहीं हो पाई।
वर्जन
शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। व्यापार मंडल की ओर से तैयार नो-रेहड़ी जोन प्रस्ताव को मंजूरी के लिए अग्रेषित किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद बिना लाइसेंस वाली रेहड़ियों को हटाकर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। रेहड़ी चालकों की आजीविका प्रभावित न हो इसके लिए रेहड़ी जोन विकसित करने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश भी जारी है।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ, नगर परिषद