फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   Inaugaration

सदा याद रहेगा सैनिक व परिवार का बलिदान

विज्ञापन
Inaugaration
फोटो....सवार स्वर्गीय वरिंदर कुमार शर्मा, शौर्य चक्र (मरणोपरांत) की प्रतिमा का अनावरण भारतीय कमांड? - फोटो : UDHAMPUR
किश्तवाड़। जिले की बोंजवाह तहसील के ज्वालापुर (पतनाजी) के सुदूर गांव में सेना ने शौर्य चक्र (मरणोपरांत) विजेता शहीद वरिंदर कुमार शर्मा की एक प्रतिमा स्थापित की। शहीद की मां चना देवी ने कमांडर 9 सेक्टर आरआर समीर कुमार पलांडे, कमांडिंग अफसर 26 आरआर जोसेफ और कमांडिंग अफसर 60 आरआर आरके शर्मा की उपस्थिति में प्रतिमा का अनावरण किया।
विज्ञापन

शहीद वरिंदर कुमार शर्मा ने 25 सितंबर 2007 को साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए जम्मू-कश्मीर के राजोरी जिले में एक ऑपरेशन में दो आतंकवादियों का सफाया किया था। अंतत: राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। 9 सेक्टर राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडर ने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों के बलिदान को हमेशा याद और सम्मानित किया जाएगा। इन गतिविधियों ने साबित कर दिया कि सेना अपने सैनिकों और उनके परिवारों को हमेशा याद रखेगी।
विज्ञापन

इसी दौरान शहीद के पिता बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका पुत्र देश के काम आया और खुद की कुर्बानी से पूरे बोंजवाह तहसील के साथ उनका भी रुतबा बढ़ाया। शहीद की प्रतिमा के अनावरण के बाद पिता ने सेना का आभार प्रकट किया। कहा कि छोटी सी आयु में ही उनका पुत्र बलिदान हुआ। बेशक उन्हें उस समय दुख हुआ था। परंतु, सेना द्वारा उन्हें आज जब याद किया तो बहुत प्रसन्नता हुई और गर्व महसूस हुआ है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में तहसील के लोग व पूर्व सैनिक शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
सेना ने 12 महिलाओं को किया प्रशिक्षित
शहीदों को याद करने में अहम भूमिका अदा करते हुए सेना ने किश्तवाड़ की 12 महिलाओं को सिलाई केंद्र में प्रशिक्षित किया गया, जिन्हें सिलाई मशीनों के साथ कपड़ा व अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी गईं, ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। इन्हीं महिलाओं में से दो ऐसी भी हैं जिनके परिवार में कोई न कोई आतंकवादी था, जिससे उनके परिवार पर बुरा प्रभाव पड़ा था। परंतु, सेना के प्रयास से अब वह भी आत्मनिभर बनेंगी। इनमें एक रादिया बेगम जिनके ससुर आतंकी थे, उसके अलावा शाजिना बानो पूछाल जिनका भाई भी आतंकवाद संलिप्त था। वह भी इस केंद्र में प्रशिक्षित महिलाओं में शामिल हैं। दोनों का कहना है कि प्रशिक्षण पाकर वे सेना की आभारी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed