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बिजली विभाग के कर्जदार सरकारी विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
Updated Wed, 16 Mar 2016 01:09 AM IST
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बिजली संकट
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जिले के कई सरकारी विभाग लंबे समय से बिजली विभाग के कर्जदार हैं। इन विभागों की बिजली विभाग पर देनदारी हजारों से लाखों फिर करोड़ों तक पहुंच गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन की छत्रछाया में काम कर रहे इन विभागों की देनदारी को लेकर प्रशासन बेखबर है।
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बिजली का बकाया बिल वसूलने के लिए विभाग द्वारा अभियान चलाकर लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। आम लोगों पर सख्ती का रवैया अपनाने वाला विभाग सरकारी विभागों पर बेबस नजर आता है। जिले में चल रहे अधिकतर सरकारी विभागों पर बिजली विभाग की अच्छी खासी देनदारी है।
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इस सूची में सबसे ऊपर पीएचई विभाग का नाम है। पीएचई विभाग पर इस वर्ष जनवरी महीने तक कुल मिलाकर करीब साढ़े पंद्रह करोड़ रुपयों की देनदारी बनती है। इस सूची में दूसरा नाम है नगर परिषद कार्यालय का।
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विभागीय सूत्रों की मानें, तो नगर परिषद पर बिजली के बिल का दो करोड़ 84 लाख रुपया बकाया है। स्वास्थ्य विभाग भी 55 लाख रुपये बिजली के किराये के बोझ के तले दबा हुआ है। वहीं शिक्षा विभाग को 11 लाख, उच्च शिक्षा विभाग को आठ लाख, फ्लोरीकल्चर को तीन लाख, पुलिस विभाग को चार लाख, राजस्व विभाग को तीन लाख और पर्यटन विभाग को दो लाख रुपये विभाग को बकाया किराये के तौर पर अदा करने हैं।