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Udhampur News: जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, बीमारियों का बढ़ा खतरा
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उधमपुर। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण शहर और आसपास के इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं और बारिश के बाद कचरा गीला होने से दुर्गंध फैल रही है। जगह-जगह जमा गंदगी और पानी के कारण लोगों को मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
सफाई कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि त्योहारों को देखते हुए कुछ कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की बात कह रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि इससे उनकी हड़ताल समाप्त नहीं होगी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जिला अध्यक्ष यूसुफ और उधमपुर के अध्यक्ष अशोक कुमार की देखरेख में जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. मोहम्मद लतीफ का कहना है कि बरसात के मौसम में जमा पानी और गंदगी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। हड़ताल के चलते डेंगू, मलेरिया समेत मच्छर जनित अन्य बीमारियों का खतरा और भी बढ़ गया है। इसलिए आसपास पानी जमा न होने दें, सफाई बनाए रखें। हालांकि डेंगू के खतरे को देखते हुए नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि 21 वार्डों की सभी गलियों में फॉगिंग करवाई जाए, ताकि बीमारी से बचाव किया जा सके।
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नगर परिषद के मुताबिक डेंगू के खतरे को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फॉगिंग की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके इलाके में कभी भी फॉगिंग नहीं हुई। वहीं, बरसात के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगे हैं। लोगों का कहना है कि केवल कुछ चिन्हित स्थानों पर फॉगिंग करने के बजाय उन सभी क्षेत्रों में ध्यान देने की जरूरत है, जहां पानी और गंदगी जमा है।
कोट
सफाई न होने के कारण इलाके में कई दिनों से कचरे का ढेर लगा हुआ है। बारिश के बाद कचरा गीला होने से दुर्गंध और बढ़ गई है तथा लोगों को वहां से गुजरने में परेशानी हो रही है।
- इंद्र कुमार, निवासी वार्ड नंबर 5
बरसात के बाद गलियों और खाली स्थानों पर पानी जमा है लेकिन मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग नहीं की जा रही। इससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- अनीफा बेगम निवासी वार्ड नंबर 17
त्योहारों के चलते बाजारों में रौनक है लेकिन गंदगी और नमी के कारण कचरे से बदबू फैल रही है। आसपास मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे पूरे शहर में व्यवस्था चरमरा गई है।
- उत्तम कुमार निवासी वार्ड नंबर एक
बरसात के मौसम में पहले से ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे समय में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन से सफाई व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में फॉगिंग करवाने की जरूरत है।
- संजय कुमार निवासी वार्ड नंबर एक
शहर के 21 में से लगभग तीन वार्डों में फागिंग करवा दी गई है। सोमवार को गोल मार्केट में भी करवाई गई है। जल्द ही अन्य वार्डों में भी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। त्योहारों में किसी तरह की अव्यवस्था न हो इसके लिए सफाई कर्मी पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ नगर परिषद।
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सफाई कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि त्योहारों को देखते हुए कुछ कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की बात कह रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि इससे उनकी हड़ताल समाप्त नहीं होगी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जिला अध्यक्ष यूसुफ और उधमपुर के अध्यक्ष अशोक कुमार की देखरेख में जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. मोहम्मद लतीफ का कहना है कि बरसात के मौसम में जमा पानी और गंदगी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाती है। हड़ताल के चलते डेंगू, मलेरिया समेत मच्छर जनित अन्य बीमारियों का खतरा और भी बढ़ गया है। इसलिए आसपास पानी जमा न होने दें, सफाई बनाए रखें। हालांकि डेंगू के खतरे को देखते हुए नगर परिषद को निर्देश दिए गए हैं कि 21 वार्डों की सभी गलियों में फॉगिंग करवाई जाए, ताकि बीमारी से बचाव किया जा सके।
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नगर परिषद के मुताबिक डेंगू के खतरे को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फॉगिंग की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनके इलाके में कभी भी फॉगिंग नहीं हुई। वहीं, बरसात के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगे हैं। लोगों का कहना है कि केवल कुछ चिन्हित स्थानों पर फॉगिंग करने के बजाय उन सभी क्षेत्रों में ध्यान देने की जरूरत है, जहां पानी और गंदगी जमा है।
कोट
सफाई न होने के कारण इलाके में कई दिनों से कचरे का ढेर लगा हुआ है। बारिश के बाद कचरा गीला होने से दुर्गंध और बढ़ गई है तथा लोगों को वहां से गुजरने में परेशानी हो रही है।
- इंद्र कुमार, निवासी वार्ड नंबर 5
बरसात के बाद गलियों और खाली स्थानों पर पानी जमा है लेकिन मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग नहीं की जा रही। इससे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- अनीफा बेगम निवासी वार्ड नंबर 17
त्योहारों के चलते बाजारों में रौनक है लेकिन गंदगी और नमी के कारण कचरे से बदबू फैल रही है। आसपास मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे पूरे शहर में व्यवस्था चरमरा गई है।
- उत्तम कुमार निवासी वार्ड नंबर एक
बरसात के मौसम में पहले से ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे समय में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन से सफाई व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में फॉगिंग करवाने की जरूरत है।
- संजय कुमार निवासी वार्ड नंबर एक
शहर के 21 में से लगभग तीन वार्डों में फागिंग करवा दी गई है। सोमवार को गोल मार्केट में भी करवाई गई है। जल्द ही अन्य वार्डों में भी प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। त्योहारों में किसी तरह की अव्यवस्था न हो इसके लिए सफाई कर्मी पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
- सद्दाम हुसैन, सीईओ नगर परिषद।