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प्रभु राम की तरह जीवन यापन करे मनुष्य : स्वामी राजेश्वरानंद
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स्वामी राजेवरानंद
कटड़ा। श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को राम अवतार और कृष्ण अवतार प्रसंगों पर चर्चा करते हुए स्वामी राजेश्वरानंद महाराज ने कहा कि प्रभु राम ने जिस तरह कर्म करते हुए अपना जीवन व्यतीत करते हुए लीला की। वर्तमान के मनुष्य को उसी तरह कर्म करते हुए अपना जीवन यापन करना चाहिए।
दूसरी तरफ भगवान कृष्ण की लीलाओं में माखन चोरी, गोपियों के साथ रासलीला आदि बहुत ज्ञानप्रद है जिनको समझना आसान नहीं है। श्रीकृष्ण जन्म पर आचार्य मनोज कृष्ण महाराज ने कहा कि जब कंस का अत्याचार हद से बढ़ गया तो श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। इससे शिक्षा मिलती है कि हमको विषम और विकट परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए बल्कि परमात्मा पर विश्वास रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सिर्फ परमात्मा का भजन सुमिरन कीजिए, सब बुरी भावनाएं खुद छूटती चली जाएंगी। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। संवाद
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दूसरी तरफ भगवान कृष्ण की लीलाओं में माखन चोरी, गोपियों के साथ रासलीला आदि बहुत ज्ञानप्रद है जिनको समझना आसान नहीं है। श्रीकृष्ण जन्म पर आचार्य मनोज कृष्ण महाराज ने कहा कि जब कंस का अत्याचार हद से बढ़ गया तो श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। इससे शिक्षा मिलती है कि हमको विषम और विकट परिस्थितियों में घबराना नहीं चाहिए बल्कि परमात्मा पर विश्वास रखना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सिर्फ परमात्मा का भजन सुमिरन कीजिए, सब बुरी भावनाएं खुद छूटती चली जाएंगी। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। संवाद
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