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पांच माह बाद नगर परिषद ने जबरदस्ती खुलवाया जिला अस्पताल का मुख्य गेट

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After five months, the city council forcibly opened the main gate of the district hospital
उधमपुर। करीब पांच महीने से बंद पड़े जिला अस्पताल के मुख्य गेट को शुक्रवार को नगर परिषद के चेयरमैन डा. जोगेश्वर गुप्ता ने पार्षदों के साथ मिलकर खुलवा दिया गया। सभी पार्षदों व चेयरमैन ने बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में बैठक कर निर्णय लिया था कि अगर वीरवार तक गेट को खोला नहीं जाता है तो वह शुक्रवार को मौके पर पहुंच कर ताला तोड़ कर गेट को खोल देंगे। गेट के खुलने के बाद शहरवासियों और ग्रामीण इलाकों से अस्पताल पहुंचने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
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करीब पांच महीने पहले अचानक ही जिला अस्पताल प्रशासन ने जिला अस्पताल के मुख्य गेट को बंद कर दिया था। गेट के बंद होने के बाद अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा और मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों ने करीब दो किलोमीटर का लंबा सफर तय कर धार रोड के रास्ते अस्पताल जाना पड़ रहा था। समय उपचार न मिलने कुछ लोगों की मौत का भी आरोप जिला अस्पताल प्रशासन पर लगाया गया।
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कुछ लोगों ने इस परेशानी को जब डीसी व अन्य अधिकारियों के सामने रखा था तो इन्होंने भी जिला अस्पताल प्रशासन का समर्थन किया। गेट खोलने की मांग को लेकर कुछ लोगों ने प्रदर्शन भी किए, लेकिन अस्पताल प्रशासन नहीं माना। 15 अगस्त को नगर परिषद चेयरमैन और पार्षदों का जिला प्रशासन और पुलिस के साथ विवाद होने पर बुधवार को नगर परिषद के पार्षदों ने चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता के साथ बैठक की और बैठक में अस्पताल के गेट बंद होने का मुद्दा उठाया गया। इसके बाद सभी ने जिला और अस्पताल प्रशासन को वीरवार को गेट खोलने का समय दिया और गेट न खोलने पर शुक्रवार को ताला तोड़ने की चेतावनी दी। लेकिन वीरवार को अस्पताल प्रशासन ने फिर भी गेट नहीं खोला। शुक्रवार को सभी पार्षद चेयरमैन के नेतृत्व में एकजुट हुए और जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को 12 बजे तक गेट खोलने का समय दिया और गेट न खोलने पर खुद ताला तोड़ने की चेतावनी दी। लेकिन फिर भी गेट नहीं खोला गया। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे चेयरमैन और सभी पार्षद गेट के पास पहुंच गए। इससे पहले की गेट का ताला तोड़ते मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने तुरंत एक कर्मचारी को गेट की चाबी देकर मौके पर भेज दिया और दोनों गेट खोल दिए गए।
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मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने समय पर अकलमंदी की सबूत दिया था। शुक्रवार को जब उनसे गेट खोलने की मांग की तो वह फिर से आनाकानी करने लगे। मजबूरन फिर 12 बजे तक का समय दिया गया और फिर इसको खोल दिया गया। बीडीसी चेयरमैन बलवान सिंह ने पार्षदों की मांग का समर्थन किया है।
निजी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाया था प्रतिबंध
जिला अस्पताल मार्ग से निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ने पर अस्पताल प्रशासन ने कुछ माह पहले गेट को बंद करवाया था। अस्पताल प्रशासन का कहना था कि बहुत ज्यादा संख्या में निजी वाहनों के गुजरने से अस्पताल आने वाली एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होती है और इससे मरीजों को भी परेशानी होती है। शहर में रहने वाले धार रोड की तरफ जाने के लिए अस्पताल मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। कोरोना के मामले बढ़ने के कारण अस्पताल के स्टाफ को इससे बहुत ज्यादा परेशानी आ रही थी।

गेट खुलने के बाद सबसे ज्यादा गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इसका लाभ मिलेगा और समय पर अस्पताल पहुंच सकेंगे। अब मरीजों को इसके कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। गेट खुलना उधमपुर की जनता की जीत है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद चेयरमैन
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