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बांड का पालन न करने वाले नौ डॉक्टरों से पौने दो करोड़ वसूले
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राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से एसबीबीएस करने वाले नौ एमबीबीएस डॉक्टरों से एक करोड़ 86 हजार की धनराशि वसूल की गई है, जबकि अनुपस्थित चल रहे 23 अन्य डॉक्टरों के जवाब नहीं दिए जाने पर उनके खिलाफ भी वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अनुपस्थित डॉक्टरों से डीएम के माध्यम से एक माह के भीतर धनराशि वसूली जाएगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि कम शुल्क पर कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले कई चिकित्सकों ने बॉड की सेवा शर्तों का पालन नहीं किया है, जिससे उनके खिलाफ शुल्क वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अभी तक बॉड की सेवा शर्तों के अनुसार डॉ. अंशु पालीवाल, डॉ. इंद्रेश विक्रम सिंह, डॉ. मीना, डॉ. सागर भटनागर, डॉ. आराधना त्रिपाठी, डॉ. आदित्य प्रताप सिंह राठौर, डॉ. महिमा अग्रवाल, डॉ. शिफाली वर्मा व डॉ. नूपुर कटारिया से एक करोड़ 86 लाख 39 रुपये की धनराशि वसूली गई, जबकि 23 अन्य चिकित्सकों की ओर से अनुपस्थिति का जवाब नहीं दिए जाने के कारण वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राचार्य ने बताया कि इन चिकित्सकों से एक माह के अंदर संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों के माध्यम से बॉड की धनराशि वसूल कर दी जाएगी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि कम शुल्क पर कॉलेज से एमबीबीएस करने वाले कई चिकित्सकों ने बॉड की सेवा शर्तों का पालन नहीं किया है, जिससे उनके खिलाफ शुल्क वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अभी तक बॉड की सेवा शर्तों के अनुसार डॉ. अंशु पालीवाल, डॉ. इंद्रेश विक्रम सिंह, डॉ. मीना, डॉ. सागर भटनागर, डॉ. आराधना त्रिपाठी, डॉ. आदित्य प्रताप सिंह राठौर, डॉ. महिमा अग्रवाल, डॉ. शिफाली वर्मा व डॉ. नूपुर कटारिया से एक करोड़ 86 लाख 39 रुपये की धनराशि वसूली गई, जबकि 23 अन्य चिकित्सकों की ओर से अनुपस्थिति का जवाब नहीं दिए जाने के कारण वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्राचार्य ने बताया कि इन चिकित्सकों से एक माह के अंदर संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों के माध्यम से बॉड की धनराशि वसूल कर दी जाएगी।
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