Leh: कारगिल में जीत गए पर अपनों से हार गए, लेह में मारे गए थरचिन के परिजन ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
पूर्व सैनिक त्सावांग थरचिन, जो कारगिल युद्ध के वीर थे, लेह हिंसा में मारे गए और उनके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई और उनकी मौत के संदिग्ध कारणों पर सवाल उठाए हैं। परिजन ने थरचिन के लिए निष्पक्ष जांच और लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग की है।
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लेह से करीब आठ किलोमीटर दूर साबू इलाके में स्थित पूर्व सैनिक त्सावांग थरचिन के घर में परिजन गुस्से में हैं। थरचिन लेह हिंसा के दौरान मारे गए चार लोगों में से एक थे। परिजन ने पुलिस की कार्रवाई के साथ ही थरचिन के शरीर पर चोट के निशान पाए जाने पर भी सवाल उठाए। पूछा कि आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों से हालात पर काबू क्यों नहीं पाया गया? गोली चलाने का आदेश किसने दिया?
घर में थरचिन के अंतिम संस्कार से पहले बौद्ध प्रार्थनाओं का दौर जारी था। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाना है। इसके चलते कई रिश्तेदार उनके घर में जमा थे। परिचित लगातार अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे थे। इस सबके बीच देर शाम थरचिन के बहनोई डॉ. थुंडुप ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत की।
लद्दाखियों की देशभक्ति पर सवाल उठाए जाने पर भी वे गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा कि थरचिन ने देश को दुश्मन के हाथों से बचाने के लिए कारगिल में करीब तीन माह मोर्चे पर बिताए। सियाचिन में सेवाएं दीं। सवाल उठाया कि देश सेवा करने वालों के साथ ये कैसा सुलूक है। हम कारगिल में जीत गए थे पर अपनों से हार गए। उन्होंने भी लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की वकालत की। कहा कि थरचिन ने लद्दाख के लिए बलिदान दिया है।
पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी कारगिल की लड़ाई:
त्वासांग थरचिन ने कुल 21 साल सेना में गुजारे। वे 1996 से 2017 के बीच लद्दाख स्काउट्स के अंग रहे। उन्होंने 1999 में 3 इन्फैंट्री डिवीजन में कार्यरत अपने पिता स्टेंजिन नमग्याल के साथ कारगिल की लड़ाई भी लड़ी और अब रिटायरमेंट के बाद लेह में कपड़े की दुकान चला रहे थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के साथ ही चार बच्चे हैं जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं।
मेरा दोस्त ऐसे मारा जाना डिजर्व नहीं करता था:
मेरा दोस्त बहादुर था। कारगिल की लड़ाई लड़ चुका था। वो ऐसे मारा जाना डिजर्व नहीं करता था...। 90 के दशक में थरचिन के साथ पढ़ने वाले उनके दोस्त ने उनकी मौत पर सवाल उठाए। कहा, उनको छाती में भी गोली लगी हैं जिससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। उन्होंने थरचिन की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की।
लद्दाख के लोग आरएसएस और भाजपा के हमलों के शिकार : राहुल
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस लद्दाख के लोगों, संस्कृति और परंपराओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की वकालत की। सोशल मीडिया पोस्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, लद्दाखियों ने आवाज उठाई। भाजपा ने चार युवकों की हत्या की और सोनम वांगचुक को जेल में डालकर जवाब दिया।
कांग्रेस का वांगचुक से कोई संबंध नहीं; कर्रा
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने रविवार को श्रीनगर में कहा कि भाजपा द्वारा किए वादे पूरे नहीं किए जाने और उसके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पांच साल के विश्वासघात के कारण लद्दाख में आंदोलन हुआ। यह आंदोलन भाजपा द्वारा अपने घोषणापत्र में किए गए झूठे वादों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में कांग्रेस का वांगचुक से कोई संबंध नहीं है।