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पीएजीडी ने हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच टीम के दावों को किया खारिज
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श्रीनगर। पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) ने मंगलवार को बहुचर्चित हैदरपोरा मुठभेड़ की जांच रिपोर्ट को पुलिस की पुरानी कहानी बताते हुए न्यायिक जांच की मांग दोहराई है। कहा, लोगों की एक मजबूत धारणा है कि घटना में मारे गए नागरिकों को सुरक्षा बलों द्वारा मानव ढाल बनाया गया था।
पीएजीडी के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने एक बयान में कहा, पिछले महीने हैदरपोरा की दुखद घटना के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस की आज की प्रेस वार्ता पुरानी कहानी की पुनरावृत्ति है। यह चौंकाने वाली इस घटना की कोई वस्तुनिष्ठ तस्वीर भी पेश नहीं करती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस का बयान एक मनगढ़ंत कहानी प्रतीत होता है। पीएजीडी का दृढ़ विश्वास है कि एक विश्वसनीय न्यायिक जांच से कम कुछ भी परिवार के संदेह को दूर नहीं कर पाएगा। प्रशासन को बिना किसी देरी के समयबद्ध न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए।
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डीआईजी सुजीत के सिंह की अध्यक्षता में पुलिस के विशेष जांच दल ने मंगलवार को हैदरपोरा हत्याकांड में सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया।
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पीएजीडी के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने एक बयान में कहा, पिछले महीने हैदरपोरा की दुखद घटना के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस की आज की प्रेस वार्ता पुरानी कहानी की पुनरावृत्ति है। यह चौंकाने वाली इस घटना की कोई वस्तुनिष्ठ तस्वीर भी पेश नहीं करती है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस का बयान एक मनगढ़ंत कहानी प्रतीत होता है। पीएजीडी का दृढ़ विश्वास है कि एक विश्वसनीय न्यायिक जांच से कम कुछ भी परिवार के संदेह को दूर नहीं कर पाएगा। प्रशासन को बिना किसी देरी के समयबद्ध न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए।
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डीआईजी सुजीत के सिंह की अध्यक्षता में पुलिस के विशेष जांच दल ने मंगलवार को हैदरपोरा हत्याकांड में सुरक्षा बलों द्वारा किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया।