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Srinagar News: बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में घाटी में जगह-जगह हुए प्रदर्शन
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श्रीनगर। बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। बढ़ी हुई नई दरें एक सितंबर से लागू की जानी हैं। वीरवार को पीडीपी और अपनी पार्टी ने बडगाम, पुलवामा, शोपियां सहित कई जगह विरोध प्रदर्शन किए।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने वीरवार को पुलवामा में जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित 6.83 प्रतिशत बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस बढ़ोतरी को वापस लेने तथा चुनावों के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। पुलवामा में जिला अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद शाहूरी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रस्तावित दर वृद्धि के खिलाफ नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह बढ़ोतरी पहले से ही बढ़ती जीवन यापन की लागत और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे आम घरों, छोटे व्यवसायों, किसानों और अन्य उपभोक्ताओं पर और बोझ डालेगी। पत्रकारों को संबोधित करते हुए शाहूरी ने कहा कि यह विरोध नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को उसके चुनावी वादों, विशेष रूप से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे की याद दिलाने के उद्देश्य से भी था। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाने के बजाय सरकार को लोगों को राहत देने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए और चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा करना चाहिए।
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शोपियां में जिला अध्यक्ष एजाज मीर के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि बिजली की ऊंची दरें पहले से ही बढ़ते खर्चों से जूझ रहे आम घरों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डालेंगी।
शोपियां के प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार उपभोक्ताओं के हित में टैरिफ के फैसले पर पुनर्विचार करे और आम लोगों के लिए सस्ती बिजली सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। ये विरोध प्रदर्शन 1 सितंबर से प्रस्तावित संशोधित बिजली टैरिफ के कार्यान्वयन से पहले हो रहे हैं, जिसमें संयुक्त विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत औसत टैरिफ वृद्धि 6.83 प्रतिशत है। पीडीपी ने मांग की है कि प्रस्तावित वृद्धि को वापस लिया जाए और सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप शुरू करे, जिसमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली के उसके चुनावी वादे को लागू करना भी शामिल है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की बांदीपोरा इकाई ने वीरवार को बांदीपोरा स्थित अपने मुख्य कार्यालय पर बिजली दरों में हाल ही में स्वीकृत 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को उपभोक्ताओं पर बोझ बताया। पीडीपी जिला अध्यक्ष सैयद सज्जाद ने कहा कि दरों में बढ़ोतरी से आम घरों की मुश्किलें बढ़ेंगी और सरकार से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया। सज्जाद ने कहा यह गरीबों के साथ अन्याय है और सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। पार्टी जोनल अध्यक्ष नसीर राही ने भी सरकार से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के उसके चुनावी वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि वादा किए गए 200 यूनिट मुफ्त बिजली का क्या हुआ और कहा कि सरकार को अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दरों में बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया जाए और सरकार मुफ्त बिजली यूनिट के संबंध में अपने वादे को पूरा करे।
अनंतनाग में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की जिला इकाई ने सड़कों पर उतरकर सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं बडगाम में विधायक आगा मुंतजिर मेहदी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ोतरी के खिलाफ नारे लगाए और इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आम परिवारों पर बढ़ते बिजली बिलों के प्रभाव को उजागर करते हुए तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर संदेश लिखे थे हाई वोल्टेज बिल, लो इनकम चिल्स, घरों को रोशन करने में जेब ढीली नहीं होनी चाहिए, बिजली को सशक्त बनाना चाहिए, निगलना नहीं और परिवारों को बचाओ। पीडीपी ने कहा कि ऐसे समय में जब कई परिवार पहले से ही बढ़ती जीवन यापन की लागत से जूझ रहे हैं, टैरिफ वृद्धि से परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अपनी पार्टी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ किया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अनंतनाग में अपनी पार्टी की जिला इकाई ने सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार बनाने के लिए जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपना वोट दिया था, लेकिन अब बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम और गरीब लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
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पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी कार्यकर्ताओं ने वीरवार को पुलवामा में जम्मू-कश्मीर में प्रस्तावित 6.83 प्रतिशत बिजली दर बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस बढ़ोतरी को वापस लेने तथा चुनावों के दौरान लोगों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। पुलवामा में जिला अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद शाहूरी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने प्रस्तावित दर वृद्धि के खिलाफ नारे लगाए।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह बढ़ोतरी पहले से ही बढ़ती जीवन यापन की लागत और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे आम घरों, छोटे व्यवसायों, किसानों और अन्य उपभोक्ताओं पर और बोझ डालेगी। पत्रकारों को संबोधित करते हुए शाहूरी ने कहा कि यह विरोध नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार को उसके चुनावी वादों, विशेष रूप से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे की याद दिलाने के उद्देश्य से भी था। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाने के बजाय सरकार को लोगों को राहत देने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए और चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को पूरा करना चाहिए।
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शोपियां में जिला अध्यक्ष एजाज मीर के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि बिजली की ऊंची दरें पहले से ही बढ़ते खर्चों से जूझ रहे आम घरों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डालेंगी।
शोपियां के प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार उपभोक्ताओं के हित में टैरिफ के फैसले पर पुनर्विचार करे और आम लोगों के लिए सस्ती बिजली सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए। ये विरोध प्रदर्शन 1 सितंबर से प्रस्तावित संशोधित बिजली टैरिफ के कार्यान्वयन से पहले हो रहे हैं, जिसमें संयुक्त विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत औसत टैरिफ वृद्धि 6.83 प्रतिशत है। पीडीपी ने मांग की है कि प्रस्तावित वृद्धि को वापस लिया जाए और सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप शुरू करे, जिसमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली के उसके चुनावी वादे को लागू करना भी शामिल है।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की बांदीपोरा इकाई ने वीरवार को बांदीपोरा स्थित अपने मुख्य कार्यालय पर बिजली दरों में हाल ही में स्वीकृत 6.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया और इस फैसले को उपभोक्ताओं पर बोझ बताया। पीडीपी जिला अध्यक्ष सैयद सज्जाद ने कहा कि दरों में बढ़ोतरी से आम घरों की मुश्किलें बढ़ेंगी और सरकार से इस फैसले को वापस लेने का आग्रह किया। सज्जाद ने कहा यह गरीबों के साथ अन्याय है और सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। पार्टी जोनल अध्यक्ष नसीर राही ने भी सरकार से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के उसके चुनावी वादे पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि वादा किए गए 200 यूनिट मुफ्त बिजली का क्या हुआ और कहा कि सरकार को अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दरों में बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया जाए और सरकार मुफ्त बिजली यूनिट के संबंध में अपने वादे को पूरा करे।
अनंतनाग में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की जिला इकाई ने सड़कों पर उतरकर सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं बडगाम में विधायक आगा मुंतजिर मेहदी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ोतरी के खिलाफ नारे लगाए और इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आम परिवारों पर बढ़ते बिजली बिलों के प्रभाव को उजागर करते हुए तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर संदेश लिखे थे हाई वोल्टेज बिल, लो इनकम चिल्स, घरों को रोशन करने में जेब ढीली नहीं होनी चाहिए, बिजली को सशक्त बनाना चाहिए, निगलना नहीं और परिवारों को बचाओ। पीडीपी ने कहा कि ऐसे समय में जब कई परिवार पहले से ही बढ़ती जीवन यापन की लागत से जूझ रहे हैं, टैरिफ वृद्धि से परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अपनी पार्टी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ किया प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अनंतनाग में अपनी पार्टी की जिला इकाई ने सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जम्मू-कश्मीर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार बनाने के लिए जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपना वोट दिया था, लेकिन अब बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सरकार ने आम और गरीब लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।