फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Teachers will show the right path to the wandering youth of the valley

घाटी के भटके नौजवानों को सही राह दिखाएंगे शिक्षक

विज्ञापन
Teachers will show the right path to the wandering youth of the valley
श्रीनगर। कश्मीर घाटी में पाकिस्तान के बहकावे में आकर आतंकवाद में शामिल होने वाले भटके हुए युवाओं को सही राह दिखाने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस अब शिक्षकों से उनकी काउंसिलिंग करने की अपील कर रही है। पुलिस के अनुसार समाज का यह तबका युवाओं को सही राह दिखाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पकिस्तान लगातार कश्मीर के नौजवानों को सोशल मीडिया के जरिये भड़काने, कट्टरपंथ की ओर झुकाने और उन्हें आतंकवाद में शामिल होने की कोशिश करता आया है। आईजीपी ने सोनवार में कृष्णा ढाबा के मालिक का उदहारण देते हुए कहा कि उस हमले को अंजाम देने वाला 17 वर्ष का था, बागात में पुलिस कर्मियों पर हमले को अंजाम देने वाला आतंकी भी छोटा था और जो नौगाम में हमला हुआ वो भी नए लड़कों (आतंकियों) ने अंजाम दिया है।
विज्ञापन

भटके हुए युवाओं को वापस मुख्यधारा में शामिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना पिछले कुछ वर्षों से काफी प्रयास कर रही है। आईजीपी ने बताया कि वह लगातार ऐसे बच्चों के अभिभावकों के संपर्क में हैं और मीडिया के लोगों से भी अपील करते हैं कि वह भी इनके अभिभावकों के साथ संपर्क कर उन्हें अपने बच्चों की काउंसिलिंग करने को कहें ताकि वह इस राह को छोड़ वापस सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। इससे पहले पुलिस और सेना भटके हुए नौजवानों को सही राह पर लाने के लिए सिविल सोसाइटी के जिम्मेदार नागरिकों, धर्म गुरुओं और उनके अभिभावकों का सहारा लेती आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आईजीपी विजय कुमार बोले-सोशल कंट्रोल घर से बहुत जरूरी
आईजीपी विजय कुमार ने हाल ही में कश्मीर यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान भी शिक्षकों से बच्चों के सोशल कंट्रोल का रोल निभाने के लिए उनसे अपील की थी। आईजीपी ने कहा कि सबसे पहले युवाओं को समझाने का घर पर रोल अभिभावकों का होता, उसके बाद स्कूल और कॉलेज में टीचरों का और सबसे आखिर में पुलिस का होता है। उन्होंने कहा कि सोशल कंट्रोल में घर वाले, टीचर, आदि अपनी भूमिका निभा सकते हैं। आईजीपी ने कहा कि इस रास्ते पर जाकर या तो जेल मिलती या फिर इसका नतीजा मौत होती है। इस वर्ष अब तक 20 स्थानीय युवा आतंकवाद में शामिल हुए हैं जिनमें से आठ मारे जा चुके हैं। 3 को गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी के अभी भी सक्रिय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed