एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय) विवि में परीक्षा समन्वयक की नियुक्ति से नाराज छात्रसंघ और जय हो छात्र संगठन ने कुलपति को पुतला फूंका। छात्रों ने आरोप लगाया कि ऊपरी दबाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी को समन्वयक नियुक्त किया गया है। गत 1 जनवरी को गढ़वाल विवि के पहले स्थायी परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण रावत ने कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन 7 जनवरी को विवि प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के प्रो. आरसी भट्ट को परीक्षा समन्वयक नियुक्त करते हुए परीक्षा नियंत्रक को उनके अधीन कर दिया।
सोमवार को इसी मुद्दे पर छात्र नेताओं ने गढ़वाल विवि के मुख्य गेट के समक्ष कुलपति का पुतला फूंका। छात्रों का कहना था कि सालों बाद पहली बार स्थायी परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति हुई है। उन्हें स्वतंत्र काम करने के बजाय ऐसे पद के अधीन कर दिया, जो विवि एक्ट में नहीं है। विवि एक्ट में परीक्षा समन्वयक का पद नहीं है। आरोप लगाया कि विवि में जातिवाद चल रहा है। आरएसएस के दबाव में संगठन के पदाधिकारी को समन्वयक बनाया गया है। पुतला फूंकने वालों में बिड़ला परिसर के छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित रावत, उपाध्यक्ष अनमोल भंडारी, जय हो के सुधांशु थपलियाल कैवल्य जखमोला, पुनीत अग्रवाल, आयुष कंडारी व अखिलेश आर्य आदि शामिल थे। मामले में गढ़वाल विवि के कुलसचिव के हवाले से विवि के पीआरओ आशुतोष बहुगुणा ने बताया कि यह विवि का आंतरिक मामला है। कोविड-19 को देखते हुए समयबद्ध रिजल्ट घोषित करने की दृष्टि से यह नियुक्ति की गई है।