कुपवाड़ा। जिले के विलगाम स्थित प्राचीन नंद किशोर मंदिर में 35 साल बाद सामूहिक प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। इस दौरान प्राचीन नंद किशोर मंदिर में दूर दराज से आए विस्थापित कश्मीरी पंडित परिवारों ने पूजा और हवन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया जो तीन दशकों से भी ज्यादा समय बाद मंदिर में उनकी भावुक वापसी का प्रतीक था।
इस दौरान समुदाय के सदस्यों ने कहा कि स्थानीय निवासियों के सहयोग और समर्थन की वजह से ही ये प्रार्थनाएं संभव हो पाईं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम के आयोजन में मदद की और श्रद्धालुओं के लिए शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया। सेना की विलगाम बटालियन ने हमारी मदद की और हमें हर चीज उपलब्ध कराई। सेना के बिना यह संभव नहीं था। साथ ही, इस इलाके के लोगों के समर्थन के बिना भी, इस तरह का कार्यक्रम संभव नहीं हो पाता। संवाद