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कश्मीरी पंडितों के बिना अधूरी घाटी की आत्मा : उपराज्यपाल
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उपराज्यपाल ने किया पीएम पैकेज कर्मचारियों के लिए 1,416 ट्रांजिट फ्लैट्स का उद्घाटन। स्रोत प्रशा
- मनोज सिन्हा ने पीएम पैकेज कर्मचारियों के लिए 1,416 ट्रांजिट फ्लैट का किया उद्घाटन
-श्रीनगर के जेवन और बडगाम और कुपवाड़ा जिले में बनाए गए हैं फ्लैट्स
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों के लिए 1,416 नए ट्रांजिट फ्लैटों का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर की आत्मा अधूरी है। ऐसे में कश्मीरी पंडितों की ससम्मान वापसी कश्मीर की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक अस्मिता को बहाल करने के लिए अनिवार्य है।
उपराज्यपाल ने श्रीनगर के जेवन में बने सबसे बड़े ट्रांजिट आवासीय परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का सबसे बड़ा परिसर जेवन है। इसमें 39 ब्लॉकों में 936 फ्लैट हैं और ये सभी आवंटित हो चुके हैं। कुपवाड़ा के कुलंगम बाग परिसर में 18 ब्लॉकों में 288 फ्लैट हैं, जबकि बडगाम के काकन मारन परिसर में 12 ब्लॉकों में 192 फ्लैट तैयार किए गए हैं। कुपवाड़ा व बडगाम में बने फ्लैट का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
एलजी ने कहा कि प्रत्येक फ्लैट उस परिवार की आकांक्षाओं, हिम्मत और कश्मीर में एक सुरक्षित भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है। कश्मीरी पंडितों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को बताते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है और वे अपनी आत्मा के एक अनमोल हिस्से से वंचित हैं। कश्मीर की साहित्यिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक वैभव की कल्पना कश्मीरी पंडितों के योगदान के बिना नहीं की जा सकती। जब कश्मीरी पंडित भाई-बहन सम्मान, सुरक्षा और विश्वास के साथ अपनी मातृभूमि पर लौटेंगे, तभी इस पूरे क्षेत्र का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौंदर्य अपनी पूर्णता को प्राप्त करेगा।
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6,000 में से 5,200 से अधिक फ्लैट तैयार
कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट आवास परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना के तहत स्वीकृत कुल 6,000 फ्लैटों में से 5,200 से अधिक का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इनमें से 3,800 से अधिक फ्लैट कर्मचारियों को आवंटित भी किए जा चुके हैं। वर्ष 2020 में मिशन मोड में लाई गई इस योजना के तहत घाटी के 10 जिलों में 20 विभिन्न स्थानों पर 342 ब्लॉकों का निर्माण किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि श्रीनगर का जेवन परिसर इसका सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां 39 ब्लॉकों में निर्मित सभी 936 फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं। इसके अलावा कुपवाड़ा के कुलंगम बाग में 18 ब्लॉकों में 288 फ्लैट और बडगाम के काकन मारन में 12 ब्लॉकों में 192 फ्लैट बनकर तैयार हैं।
सुरक्षा व बुनियादी सुविधाओं पर जोर
उपराज्यपाल ने प्रशासन को निर्देश दिए कि आवासीय परिसरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली-पानी, कड़े सुरक्षा इंतजाम, ठोस कचरा प्रबंधन और त्वरित जनसुनवाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
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-श्रीनगर के जेवन और बडगाम और कुपवाड़ा जिले में बनाए गए हैं फ्लैट्स
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के कर्मचारियों के लिए 1,416 नए ट्रांजिट फ्लैटों का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर की आत्मा अधूरी है। ऐसे में कश्मीरी पंडितों की ससम्मान वापसी कश्मीर की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक अस्मिता को बहाल करने के लिए अनिवार्य है।
उपराज्यपाल ने श्रीनगर के जेवन में बने सबसे बड़े ट्रांजिट आवासीय परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का सबसे बड़ा परिसर जेवन है। इसमें 39 ब्लॉकों में 936 फ्लैट हैं और ये सभी आवंटित हो चुके हैं। कुपवाड़ा के कुलंगम बाग परिसर में 18 ब्लॉकों में 288 फ्लैट हैं, जबकि बडगाम के काकन मारन परिसर में 12 ब्लॉकों में 192 फ्लैट तैयार किए गए हैं। कुपवाड़ा व बडगाम में बने फ्लैट का वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
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एलजी ने कहा कि प्रत्येक फ्लैट उस परिवार की आकांक्षाओं, हिम्मत और कश्मीर में एक सुरक्षित भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है। कश्मीरी पंडितों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक योगदान को बताते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है और वे अपनी आत्मा के एक अनमोल हिस्से से वंचित हैं। कश्मीर की साहित्यिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक वैभव की कल्पना कश्मीरी पंडितों के योगदान के बिना नहीं की जा सकती। जब कश्मीरी पंडित भाई-बहन सम्मान, सुरक्षा और विश्वास के साथ अपनी मातृभूमि पर लौटेंगे, तभी इस पूरे क्षेत्र का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सौंदर्य अपनी पूर्णता को प्राप्त करेगा।
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6,000 में से 5,200 से अधिक फ्लैट तैयार
कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट आवास परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। परियोजना के तहत स्वीकृत कुल 6,000 फ्लैटों में से 5,200 से अधिक का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इनमें से 3,800 से अधिक फ्लैट कर्मचारियों को आवंटित भी किए जा चुके हैं। वर्ष 2020 में मिशन मोड में लाई गई इस योजना के तहत घाटी के 10 जिलों में 20 विभिन्न स्थानों पर 342 ब्लॉकों का निर्माण किया जा रहा है। उपराज्यपाल ने कहा कि श्रीनगर का जेवन परिसर इसका सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां 39 ब्लॉकों में निर्मित सभी 936 फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं। इसके अलावा कुपवाड़ा के कुलंगम बाग में 18 ब्लॉकों में 288 फ्लैट और बडगाम के काकन मारन में 12 ब्लॉकों में 192 फ्लैट बनकर तैयार हैं।
सुरक्षा व बुनियादी सुविधाओं पर जोर
उपराज्यपाल ने प्रशासन को निर्देश दिए कि आवासीय परिसरों में 24 घंटे निर्बाध बिजली-पानी, कड़े सुरक्षा इंतजाम, ठोस कचरा प्रबंधन और त्वरित जनसुनवाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए