{"_id":"694ef6244ba33f6f1e048d30","slug":"srinagar-shere-kashmir-institute-of-medical-institute-thyrod-surgeory-srinagar-news-c-10-lko1027-795834-2025-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्किम्स की बड़ी उपलब्धि: पहली बार बिना निशान वाली थायरॉइड सर्जरी में मिली सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्किम्स की बड़ी उपलब्धि: पहली बार बिना निशान वाली थायरॉइड सर्जरी में मिली सफलता
विज्ञापन
- शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने बनाया नया कीर्तिमान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) ने जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार मिनिमल इनवेसिव बिना किसी निशान वाली सफल थायरॉइड सर्जरी कर शल्य चिकित्सा में मील का पत्थर हासिल किया है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि क्षेत्र की शल्य चिकित्सा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है और उन्नत मरीज देखभाल में स्किम्स की अग्रणी भूमिका को मजबूत करती है। इस अग्रणी प्रक्रिया को जनरल और मिनिमल इनवेसिव सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एजाज अहमद मलिक, विभागाध्यक्ष और एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के नेतृत्व में किया गया। इस सर्जरी में एक थायरॉयड ग्रंथि को हटाने के लिए तकनीकी रूप से जटिल रिमोट-एक्सेस न्यूनतम इनवेसिव तकनीक जिससे गर्दन पर एक दिखाई देने वाले निशान से बचा जा सकता है। यह दृष्टिकोण न्यूनतम इनवेसिव और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में बड़ी उपलब्धी का प्रतिनिधित्व करता है।
विभाग ने इस संशोधित रिमोट-एक्सेस तकनीक का उपयोग कर 25 से अधिक एंडोस्कोपिक थायरॉयडेक्टोमी को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इससे इसकी न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। पारंपरिक एंडोस्कोपिक थायरॉयडेक्टॉमी दृष्टिकोणों के विपरीत जो विशेष और अक्सर महंगे उपकरणों पर निर्भर करते हैं। यह अभिनव विधि मानक लेप्रोस्कोपिक उपकरणों का उपयोग करती है जिससे प्रक्रिया को स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स की एक विस्तृत शृंखला के लिए अधिक लागत प्रभावी, सुलभ और व्यवहार्य बनाया जाता है। यह सर्जरी अब स्किम्स में उपलब्ध है।
विज्ञापन
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सर्जिकल टीम को बधाई देते हुए स्किम्स के निदेशक एवं ईओएसजी प्रोफेसर एम अशरफ गनी ने कहा कि रोगी देखभाल में इस प्रकार की क्रांतिकारी प्रगति स्किम्स की नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बिना निशान न्यूनतम आक्रामक थायरॉयड सर्जरी का परिचय न केवल हमारी चिकित्सीय क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए विश्व स्तरीय सर्जिकल देखभाल को भी करीब लाता है।
प्रक्रिया का नेतृत्व प्रोफेसर एजाज अहमद मलिक के साथ प्रो. मुनीर वानी, डॉ. गोहर अजीज, डॉ. बिलाल अहमद वागेय, डॉ. अजहीर मुश्ताक डॉ. जुबैर, डॉ. राहिल, सहित अन्य टीम डॉ. अलताफ, डॉ. रूही, डॉ. मजीद , डॉ. सुहैल सहित अन्य के सहयोग से किया गया। प्राे. मलिक ने उन शल्य चिकित्सा तकनीकों के विकास के महत्व पर जोर दिया और कहा कि इस तरह की सेवाएं सभी वर्गों में पहुंच सकें ताकि मरीजों को इसका लाभ मिले।
उल्लेखनीय है कि स्किम्स में प्रो. डॉ. एजाज अहमद मलिक के नेतृत्व में एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी विभाग वर्तमान में भारत में मची प्रोग्राम ऑफर करने वाला पांचवां केंद्र है जो एसकेआईएमएस की शल्य चिकित्सा शिक्षा और नवाचार में प्रमुख संस्थान के रूप में भूमिका को और मजबूत करता है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्किम्स) ने जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में पहली बार मिनिमल इनवेसिव बिना किसी निशान वाली सफल थायरॉइड सर्जरी कर शल्य चिकित्सा में मील का पत्थर हासिल किया है।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि क्षेत्र की शल्य चिकित्सा क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है और उन्नत मरीज देखभाल में स्किम्स की अग्रणी भूमिका को मजबूत करती है। इस अग्रणी प्रक्रिया को जनरल और मिनिमल इनवेसिव सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. एजाज अहमद मलिक, विभागाध्यक्ष और एंडोक्राइन एवं ब्रेस्ट सर्जरी विभाग के नेतृत्व में किया गया। इस सर्जरी में एक थायरॉयड ग्रंथि को हटाने के लिए तकनीकी रूप से जटिल रिमोट-एक्सेस न्यूनतम इनवेसिव तकनीक जिससे गर्दन पर एक दिखाई देने वाले निशान से बचा जा सकता है। यह दृष्टिकोण न्यूनतम इनवेसिव और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में बड़ी उपलब्धी का प्रतिनिधित्व करता है।
विज्ञापन
विभाग ने इस संशोधित रिमोट-एक्सेस तकनीक का उपयोग कर 25 से अधिक एंडोस्कोपिक थायरॉयडेक्टोमी को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इससे इसकी न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। पारंपरिक एंडोस्कोपिक थायरॉयडेक्टॉमी दृष्टिकोणों के विपरीत जो विशेष और अक्सर महंगे उपकरणों पर निर्भर करते हैं। यह अभिनव विधि मानक लेप्रोस्कोपिक उपकरणों का उपयोग करती है जिससे प्रक्रिया को स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स की एक विस्तृत शृंखला के लिए अधिक लागत प्रभावी, सुलभ और व्यवहार्य बनाया जाता है। यह सर्जरी अब स्किम्स में उपलब्ध है।
विज्ञापन
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सर्जिकल टीम को बधाई देते हुए स्किम्स के निदेशक एवं ईओएसजी प्रोफेसर एम अशरफ गनी ने कहा कि रोगी देखभाल में इस प्रकार की क्रांतिकारी प्रगति स्किम्स की नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बिना निशान न्यूनतम आक्रामक थायरॉयड सर्जरी का परिचय न केवल हमारी चिकित्सीय क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि जम्मू और कश्मीर के लोगों के लिए विश्व स्तरीय सर्जिकल देखभाल को भी करीब लाता है।
प्रक्रिया का नेतृत्व प्रोफेसर एजाज अहमद मलिक के साथ प्रो. मुनीर वानी, डॉ. गोहर अजीज, डॉ. बिलाल अहमद वागेय, डॉ. अजहीर मुश्ताक डॉ. जुबैर, डॉ. राहिल, सहित अन्य टीम डॉ. अलताफ, डॉ. रूही, डॉ. मजीद , डॉ. सुहैल सहित अन्य के सहयोग से किया गया। प्राे. मलिक ने उन शल्य चिकित्सा तकनीकों के विकास के महत्व पर जोर दिया और कहा कि इस तरह की सेवाएं सभी वर्गों में पहुंच सकें ताकि मरीजों को इसका लाभ मिले।
उल्लेखनीय है कि स्किम्स में प्रो. डॉ. एजाज अहमद मलिक के नेतृत्व में एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी विभाग वर्तमान में भारत में मची प्रोग्राम ऑफर करने वाला पांचवां केंद्र है जो एसकेआईएमएस की शल्य चिकित्सा शिक्षा और नवाचार में प्रमुख संस्थान के रूप में भूमिका को और मजबूत करता है।