आतंक के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ एक्शन: आतंकियों को हथियार-फंडिंग देने का आरोप, दो महीने में दूसरी बार वारंट
जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ दो महीने में दूसरी बार गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
विस्तार
भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शामिल और लश्कर-ए-ताइबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। एनआईए ने अदालत को बताया कि सईद इस समय पाकिस्तान में है और गिरफ्तारी से बच रहा है। यह दो महीने में उसके खिलाफ जारी हुआ दूसरा गैर-जमानती वारंट है।
आतंकी नेटवर्क को हथियार और फंडिंग देने का आरोप
एनआईए के मुताबिक सईद पर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों को हथियार, पैसे और निर्देश उपलब्ध कराने का आरोप है। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए कुछ पाकिस्तानी आतंकियों के सईद से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
श्रीनगर में गिरफ्तारी के बाद खुला आतंकी नेटवर्क
यह मामला श्रीनगर के बाहरी इलाके पांदाच में मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से जुड़ा है। तलाशी के दौरान उसके पास से चीन निर्मित एक ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। इसके बाद हुई जांच में लश्कर-ए-ताइबा और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़े कई आतंकियों के साथ दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
एनआईए ने बताया पाकिस्तान में छिपा है सईद
जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि सईद पाकिस्तान से गतिविधियां संचालित कर रहा है और कश्मीर घाटी में आतंकियों को हथियार, धन और निर्देश मुहैया करा रहा है। एनआईए ने उसे मामले में फरार आरोपी बताते हुए कहा कि वह जानबूझकर कानून की गिरफ्त से बच रहा है।
दो महीने में दूसरी बार वारंट जारी
विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने सुनवाई के बाद कहा कि जांच के दौरान सईद की कथित आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आई है। इससे पहले 8 जुलाई को जम्मू की विशेष एनआईएअदालत ने पहलगाम आतंकी हमले के मामले में भी सईद के खिलाफ पहला गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी।