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परिसीमन देश की चुनावी राजनीति में हमेशा के लिए बदलाव लाएगा: पर्रा
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यह सत्र और महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना राजनीति से प्रेरित है: तारीगामी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता और पुलवामा से विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने शुक्रवार को कहा कि परिसीमन देश की चुनावी राजनीति में हमेशा के लिए बदलाव लाएगा और इसे बिना किसी से सलाह-मशविरा किए जल्दबाजी में नहीं किया जाना चाहिए।
पर्रा ने यहां एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते कहा कि परिसीमन भारत की चुनावी राजनीति में हमेशा के लिए बदलाव ला रहा है। सरकार को इस फैसले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि बिल लाने से पहले बड़े पैमाने पर सलाह-मशविरा होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई लोगों में इस बात को लेकर बड़ी चिंता है कि क्या कोई एक पार्टी देश में लोकतंत्र और चुनावी राजनीति पर कोई स्थायी फैसला ले सकती है। उन्होंने आगे कहा कि ये आशंकाएं बहुत से लोगों में हैं, चाहे वे अल्पसंख्यक हों, विपक्षी पार्टियां हों, या वे लोग जिनकी बात नहीं सुनी जाती। क्या भारत का लोकतंत्र बहुमत के आंकड़ों पर चलना चाहिए या इसमें गुणात्मक शासन होना चाहिए या मात्रात्मक शासन। यही वह चिंता है जो हम सभी को सता रही है। पर्रा ने कहा कि यह फैसला भारत की चुनावी राजनीति को हमेशा के लिए बदल देगा और इसे जल्दबाजी में और सभी पार्टियों से सलाह-मशविरा किए बिना नहीं लिया जाना चाहिए।
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इस बीच सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और कुलगाम से विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा कि यह बिल राजनीति से प्रेरित था। तारिगामी ने कहा कि इस सत्र का एजेंडा महिला आरक्षण था। लेकिन दुर्भाग्य से सरकार ने संशोधन पेश किया और इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया जो कि दो अलग-अलग मुद्दे हैं। यह सत्र और महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर काम करने की ज़रूरत है जो 2023 से ही लंबित पड़ा है।
कुलगाम के विधायक ने कहा कि उन्हें अब तक इसके लिए समय नहीं मिला लेकिन ठीक उसी समय जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें जनगणना और परिसीमन के साथ-साथ महिला आरक्षण की याद आ गई। यह राजनीति से प्रेरित है। यह बहुत बड़ा और बेहद जरूरी मुद्दा है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए या इसका इस्तेमाल किसी पार्टी के अपने हितों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता और पुलवामा से विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने शुक्रवार को कहा कि परिसीमन देश की चुनावी राजनीति में हमेशा के लिए बदलाव लाएगा और इसे बिना किसी से सलाह-मशविरा किए जल्दबाजी में नहीं किया जाना चाहिए।
पर्रा ने यहां एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते कहा कि परिसीमन भारत की चुनावी राजनीति में हमेशा के लिए बदलाव ला रहा है। सरकार को इस फैसले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और इससे भी ज्यादा जरूरी बात यह है कि बिल लाने से पहले बड़े पैमाने पर सलाह-मशविरा होना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि कई लोगों में इस बात को लेकर बड़ी चिंता है कि क्या कोई एक पार्टी देश में लोकतंत्र और चुनावी राजनीति पर कोई स्थायी फैसला ले सकती है। उन्होंने आगे कहा कि ये आशंकाएं बहुत से लोगों में हैं, चाहे वे अल्पसंख्यक हों, विपक्षी पार्टियां हों, या वे लोग जिनकी बात नहीं सुनी जाती। क्या भारत का लोकतंत्र बहुमत के आंकड़ों पर चलना चाहिए या इसमें गुणात्मक शासन होना चाहिए या मात्रात्मक शासन। यही वह चिंता है जो हम सभी को सता रही है। पर्रा ने कहा कि यह फैसला भारत की चुनावी राजनीति को हमेशा के लिए बदल देगा और इसे जल्दबाजी में और सभी पार्टियों से सलाह-मशविरा किए बिना नहीं लिया जाना चाहिए।
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इस बीच सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता और कुलगाम से विधायक एमवाई तारिगामी ने कहा कि यह बिल राजनीति से प्रेरित था। तारिगामी ने कहा कि इस सत्र का एजेंडा महिला आरक्षण था। लेकिन दुर्भाग्य से सरकार ने संशोधन पेश किया और इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया जो कि दो अलग-अलग मुद्दे हैं। यह सत्र और महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर काम करने की ज़रूरत है जो 2023 से ही लंबित पड़ा है।
कुलगाम के विधायक ने कहा कि उन्हें अब तक इसके लिए समय नहीं मिला लेकिन ठीक उसी समय जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें जनगणना और परिसीमन के साथ-साथ महिला आरक्षण की याद आ गई। यह राजनीति से प्रेरित है। यह बहुत बड़ा और बेहद जरूरी मुद्दा है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए या इसका इस्तेमाल किसी पार्टी के अपने हितों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।