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कश्मीर की नमदा कला को मिली नई जिंदगी : मिर्जा शाहिद
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- इन-हाउस ऊन कार्डिंग से आउटसोर्सिंग लागत में कटौती, कारीगरों की आजीविका मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग कश्मीर ने बुधवार को मैकेनिकल एंड हॉस्पिटल्स इंजीनियरिंग विभाग के माध्यम से ऊन कार्डिंग मशीन के लिए कार्ड क्लॉथ की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का ठेका प्रदान किया है। यह ऊन कार्डिंग मशीन प्रतिवर्ष लगभग 29,000 किलोग्राम ऊन की प्रोसेसिंग क्षमता रखती है।
इस बढ़ी हुई क्षमता से नमदा कला से जुड़ी स्थानीय मूल्य शृंखला को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा की स्थापना से ऊन कार्डिंग के लिए बाहर आउटसोर्सिंग पर होने वाली लागत में भारी कमी आएगी जिससे नमदा कला में लगे कारीगरों को सीधा लाभ होगा।
विभाग के उप निदेशक मिर्जा शाहिद अली ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत में ऊन फाइबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और मेरिनो ऊन के उत्पादन में पहले स्थान पर है। इसके बावजूद कच्ची ऊन का बड़ा हिस्सा पारंपरिक रूप से कार्डिंग के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर भेजा जाता रहा है जिससे लागत बढ़ती है और देरी होती है। यह पहल लागत प्रभावी, कुशल और कम श्रम-गहन है। यह स्थायी आजीविका को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और कश्मीर की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को संरक्षित करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। हस्तशिल्प एवं हथकरघा विभाग कश्मीर ने बुधवार को मैकेनिकल एंड हॉस्पिटल्स इंजीनियरिंग विभाग के माध्यम से ऊन कार्डिंग मशीन के लिए कार्ड क्लॉथ की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का ठेका प्रदान किया है। यह ऊन कार्डिंग मशीन प्रतिवर्ष लगभग 29,000 किलोग्राम ऊन की प्रोसेसिंग क्षमता रखती है।
इस बढ़ी हुई क्षमता से नमदा कला से जुड़ी स्थानीय मूल्य शृंखला को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस सुविधा की स्थापना से ऊन कार्डिंग के लिए बाहर आउटसोर्सिंग पर होने वाली लागत में भारी कमी आएगी जिससे नमदा कला में लगे कारीगरों को सीधा लाभ होगा।
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विभाग के उप निदेशक मिर्जा शाहिद अली ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत में ऊन फाइबर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और मेरिनो ऊन के उत्पादन में पहले स्थान पर है। इसके बावजूद कच्ची ऊन का बड़ा हिस्सा पारंपरिक रूप से कार्डिंग के लिए जम्मू-कश्मीर से बाहर भेजा जाता रहा है जिससे लागत बढ़ती है और देरी होती है। यह पहल लागत प्रभावी, कुशल और कम श्रम-गहन है। यह स्थायी आजीविका को मजबूत करने, उत्पादकता बढ़ाने और कश्मीर की समृद्ध हस्तशिल्प विरासत को संरक्षित करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।
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