{"_id":"6a1c9097a0c0eae59f0dd059","slug":"srinagar-hajrat-jati-shah-wali-uras-kupwara-srinagar-news-c-10-1-agr1010-926274-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Srinagar News: कुपवाड़ा में हजरत जाती शाह वली के उर्स में उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Srinagar News: कुपवाड़ा में हजरत जाती शाह वली के उर्स में उमड़ी भीड़
विज्ञापन
कुपवाड़ा में सती शाह वाली के उर्स में मौजूद जायरीन। संवाद
- पवित्र अवशेषों की जियारत के लिए दूर-दूर से पहुंचे लोग
- अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए हुईं दुआएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। कुपवाड़ा के मुकाम-ए-शाहवली में आध्यात्मिक माहौल के बीच रविवार को हजरत जाती शाह वली का सालाना उर्स मुबारक मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जियारिन इस मौके पर जुटे और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
हजरत जाती शाह वली को एक प्रतिष्ठित वली-ए-कामिल के रूप में जाना जाता है। आज भी उनके भक्तों में उनके प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा है। सालाना उर्स के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुआ मांगने, बरकत लेने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे।
इस अवसर की आध्यात्मिक अहमियत को बढ़ाते हुए हजरत से जुड़े पवित्र अवशेष और मुकद्दस सामान भी जियारत के लिए रखे गए। लोगों ने कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले इन अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धा और आभार व्यक्त किया। उर्स के दौरान धार्मिक उत्साह देखने को मिला। शांति, समृद्धि और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए विशेष दुआएं की गईं। आयोजकों ने कहा कि उर्स क्षेत्र की सदियों पुरानी सूफी परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक अहम अवसर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए हुईं दुआएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुपवाड़ा। कुपवाड़ा के मुकाम-ए-शाहवली में आध्यात्मिक माहौल के बीच रविवार को हजरत जाती शाह वली का सालाना उर्स मुबारक मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जियारिन इस मौके पर जुटे और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
हजरत जाती शाह वली को एक प्रतिष्ठित वली-ए-कामिल के रूप में जाना जाता है। आज भी उनके भक्तों में उनके प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा है। सालाना उर्स के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुआ मांगने, बरकत लेने और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे।
विज्ञापन
इस अवसर की आध्यात्मिक अहमियत को बढ़ाते हुए हजरत से जुड़े पवित्र अवशेष और मुकद्दस सामान भी जियारत के लिए रखे गए। लोगों ने कश्मीर की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले इन अवशेषों के दर्शन कर श्रद्धा और आभार व्यक्त किया। उर्स के दौरान धार्मिक उत्साह देखने को मिला। शांति, समृद्धि और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए विशेष दुआएं की गईं। आयोजकों ने कहा कि उर्स क्षेत्र की सदियों पुरानी सूफी परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने का एक अहम अवसर है।
विज्ञापन