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Srinagar News: 41वें दिन भी जारी रहा कृषि स्नातकों का धरना
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- एसआरओ-442 के तहत सीधी भर्ती और एसआरओ-433 में 80:20 के अनुपात को लागू करने की मांग, वाडूरा कैंपस में प्रदर्शन तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। जम्मू-कश्मीर के बेरोजगार कृषि स्नातकों, विशेष रूप से शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के कृषि संकाय, वाडूरा के पूर्व छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन शनिवार को लगातार 41वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कृषि भर्ती नीतियों में सुधार और अपनी वर्षों पुरानी मांगों के समाधान के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।
धरने पर बैठे कृषि स्नातकों ने कृषि विभाग में रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई। उन्होंने विशेष रूप से एसआरओ-442 के तहत कनिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी संवर्ग में सीधी भर्ती को बहाल करने और एसआरओ-433 के तहत राजपत्रित कृषि विस्तार अधिकारी संवर्ग में 80:20 (सीधी भर्ती बनाम पदोन्नति) के अनुपात को पूरी तरह लागू करने की मांग रखी।
लगातार हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भर्ती नीति में सुधार न होने और लंबे समय से असमंजस की स्थिति बने रहने के कारण वर्षों की कड़ी मेहनत, डिग्रियों और पेशेवर प्रशिक्षण के बावजूद युवाओं का कॅरिअर अधर में लटक गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने संबंधित उच्चाधिकारियों और सरकार से तत्काल सार्थक बातचीत शुरू करने तथा मामले का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बारामुला। जम्मू-कश्मीर के बेरोजगार कृषि स्नातकों, विशेष रूप से शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के कृषि संकाय, वाडूरा के पूर्व छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन शनिवार को लगातार 41वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कृषि भर्ती नीतियों में सुधार और अपनी वर्षों पुरानी मांगों के समाधान के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।
धरने पर बैठे कृषि स्नातकों ने कृषि विभाग में रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई। उन्होंने विशेष रूप से एसआरओ-442 के तहत कनिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी संवर्ग में सीधी भर्ती को बहाल करने और एसआरओ-433 के तहत राजपत्रित कृषि विस्तार अधिकारी संवर्ग में 80:20 (सीधी भर्ती बनाम पदोन्नति) के अनुपात को पूरी तरह लागू करने की मांग रखी।
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लगातार हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भर्ती नीति में सुधार न होने और लंबे समय से असमंजस की स्थिति बने रहने के कारण वर्षों की कड़ी मेहनत, डिग्रियों और पेशेवर प्रशिक्षण के बावजूद युवाओं का कॅरिअर अधर में लटक गया है।
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प्रदर्शनकारियों ने संबंधित उच्चाधिकारियों और सरकार से तत्काल सार्थक बातचीत शुरू करने तथा मामले का शीघ्र निस्तारण करने की अपील की।