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प्रदेश में सुरक्षा का मजबूत घेरा, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस : डीजीपी
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बैठक के दौरान डीजीपी नलिन प्रभात। स्रोत पुलिस
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-डीजीपी नलिन प्रभात ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में उच्च स्तरीय बैठक में साफ की तस्वीर
-अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की समीक्षा, एजेंसियों को रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने शुक्रवार को श्रीनगर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। उन्होंने सुरक्षाबलों को आतंकियों और उनके मददगारों (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में सेना की 15 कोर के जीओसी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के महानिरीक्षक, खुफिया एजेंसियों के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सभी रेंज डीआईजी और घाटी के जिलों के एसएसपी मौजूद रहे। बैठक में घाटी की सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा के लिए बनाए गए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई।
डीजीपी ने अधिकारियों को आतंकवाद विरोधी अभियान और तेज करने, आतंकवादी नेटवर्क तथा ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और समय पर खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक है।
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संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
डीजीपी ने यात्रा मार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों में एरिया डोमिनेशन, रात्रि गश्त और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नाके और एक्सेस कंट्रोल को भी सख्त करने के लिए कहा। उन्होंने यात्रा मार्ग, प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। फील्ड अधिकारियों को जवानों की नियमित ऑपरेशनल ब्रीफिंग करने, बेस कैंपों व ट्रांजिट केंद्रों पर तीर्थयात्रियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया।
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-अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की समीक्षा, एजेंसियों को रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने शुक्रवार को श्रीनगर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। उन्होंने सुरक्षाबलों को आतंकियों और उनके मददगारों (ओवर ग्राउंड वर्कर्स) पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में सेना की 15 कोर के जीओसी, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के महानिरीक्षक, खुफिया एजेंसियों के अधिकारी, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सभी रेंज डीआईजी और घाटी के जिलों के एसएसपी मौजूद रहे। बैठक में घाटी की सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा के लिए बनाए गए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई।
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डीजीपी ने अधिकारियों को आतंकवाद विरोधी अभियान और तेज करने, आतंकवादी नेटवर्क तथा ओवर ग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और समय पर खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक है।
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संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
डीजीपी ने यात्रा मार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों में एरिया डोमिनेशन, रात्रि गश्त और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नाके और एक्सेस कंट्रोल को भी सख्त करने के लिए कहा। उन्होंने यात्रा मार्ग, प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। फील्ड अधिकारियों को जवानों की नियमित ऑपरेशनल ब्रीफिंग करने, बेस कैंपों व ट्रांजिट केंद्रों पर तीर्थयात्रियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया।