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कांस्टेबल हत्या मामला: पुलिस की चार्जशीट फेल, दोनों आरोपी बरी
Tue, 03 May 2022 03:35 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 03 May 2022 03:35 PM IST
सार
कांस्टेबल सज्जाद अहमद को अन्य पुलिस कर्मियों के साथ हजरतबल इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। आतंकियों ने सज्जाद को बेहद करीब से गोली मार दी थी। मामला 2011 का है।
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जम्मू-कश्मीर पुलिस
- फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
पुलिसकर्मी की दिन दहाड़े हत्या के मामले में पुलिस महकमे को किरकिरी का सामना करना पड़ा है। 11 साल पहले हुई हत्या केस के अभियोजन में व्यापक खामियां गिनाते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने चार्जशीट खारिज कर कहा कि अभियोजन ने जिस तरह से केस को पेश किया है, उसमें गवाह और वारदात से जुड़ी कड़ियां आपस में नहीं जुड़ रहीं। लिहाजा दोनों आरोपियों को अदालत बरी करती है।
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अभियोजन के अनुसार यह मामला 2011 का है। कांस्टेबल सज्जाद अहमद को अन्य पुलिस कर्मियों के साथ हजरतबल इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान सुरक्षा ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। नमाजियों की भीड़ में दहशत फैलाने के मकसद से अज्ञात आतंकियों ने सज्जाद को बेहद करीब से गोली मार दी। सज्जाद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश अजय गुप्ता ने मामले पर सुनवाई के बाद पुलिस के पेश किए गए चालान को रद्द कर दिया। उन्होंने पाया कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को सभी उचित संदेहों से परे साबित करने में सफल नहीं हो पाया है। न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने जिस तरह से अपना केस कोर्ट में रखा है, उसमें संदेह हावी है और संदेश का लाभ आरोपी के पक्ष में जाता है। न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित नहीं कर पाए हैं। पेश सबूत भी खरे नहीं उतरते। लिहाजा हत्या के आरोपी मुजफ्फर अहमद मीर और दूसरे आरोपी शौकत अहमद भट को अदालत बरी करने का आदेश देती है।
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