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Srinagar News: चैंबर ने एलजी से की पर्यटन के पुनर्जीवन पर चर्चा
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- पर्यटन व्यापार संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जावेद अहमद टैंगा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पर्यटन व्यापार संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिला। इस दौरान उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के पुनर्जीवन पर व्यापक चर्चा की जो हाल की प्रतिकूल घटनाओं के बाद लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मुलाकात के दौरान केसीसीएंडआई द्वारा प्रतिनिधि मंडल ने एक व्यापक ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक कदमों का विवरण दिया गया। इसमें आत्मविश्वास बढ़ाना, संचालन को स्थिर करना, और केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करना। प्रतिनिधिमंडल ने स्वीकार किया कि उपराज्यपाल की सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व में कश्मीर का पर्यटन पहले अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंच चुका था जिसमें रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आगमन और होटलों तथा संबंधित हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर में हजारों करोड़ रुपये के निवेश देखने को मिले थे।
प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार की इन्क्रेडिबल इंडिया पहल के माध्यम से कश्मीर के प्रचार की भी मांग की और जम्मू और कश्मीर के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) की प्राथमिकता की मांग की। इसे घरेलू पर्यटन के लिए एक शक्तिशाली विश्वास निर्माण और मांग सृजन उपाय के रूप में बताया। इस मौके पर एक और प्रमुख मुद्दा जिस पर विस्तार से चर्चा की गई वह होटल, हाउसबोट और गेस्ट हाउस के पंजीकरण का नवीनीकरण था। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल को बताया कि नवीनीकरण में देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण आतिथ्य इकाइयों को गंभीर संचालनात्मक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने विशेष रूप से हाउसबोट्स के लिए एक एकीकृत, समयबद्ध और डिजिटलीकृत नवीनीकरण तंत्र के तत्काल कार्यान्वयन की मांग की जिन्हें उन्होंने कश्मीर पर्यटन का रत्न बताया। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय उप राज्यपाल को यह भी बताया कि पर्यटन प्रचार और संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक सुव्यवस्थित वार्षिक कैलेंडर स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष जावेद अहमद टैंगा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पर्यटन व्यापार संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मिला। इस दौरान उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के पुनर्जीवन पर व्यापक चर्चा की जो हाल की प्रतिकूल घटनाओं के बाद लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है।
मुलाकात के दौरान केसीसीएंडआई द्वारा प्रतिनिधि मंडल ने एक व्यापक ज्ञापन प्रस्तुत किया जिसमें आवश्यक नीतिगत और प्रशासनिक कदमों का विवरण दिया गया। इसमें आत्मविश्वास बढ़ाना, संचालन को स्थिर करना, और केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन की दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करना। प्रतिनिधिमंडल ने स्वीकार किया कि उपराज्यपाल की सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व में कश्मीर का पर्यटन पहले अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंच चुका था जिसमें रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आगमन और होटलों तथा संबंधित हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर में हजारों करोड़ रुपये के निवेश देखने को मिले थे।
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प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार की इन्क्रेडिबल इंडिया पहल के माध्यम से कश्मीर के प्रचार की भी मांग की और जम्मू और कश्मीर के लिए लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) की प्राथमिकता की मांग की। इसे घरेलू पर्यटन के लिए एक शक्तिशाली विश्वास निर्माण और मांग सृजन उपाय के रूप में बताया। इस मौके पर एक और प्रमुख मुद्दा जिस पर विस्तार से चर्चा की गई वह होटल, हाउसबोट और गेस्ट हाउस के पंजीकरण का नवीनीकरण था। प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल को बताया कि नवीनीकरण में देरी और प्रक्रियात्मक जटिलताओं के कारण आतिथ्य इकाइयों को गंभीर संचालनात्मक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने विशेष रूप से हाउसबोट्स के लिए एक एकीकृत, समयबद्ध और डिजिटलीकृत नवीनीकरण तंत्र के तत्काल कार्यान्वयन की मांग की जिन्हें उन्होंने कश्मीर पर्यटन का रत्न बताया। प्रतिनिधिमंडल ने माननीय उप राज्यपाल को यह भी बताया कि पर्यटन प्रचार और संबंधित कार्यक्रमों के लिए एक सुव्यवस्थित वार्षिक कैलेंडर स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता है।