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Srinagar News: 614 एफआईआर दर्ज, 646 लोग गिरफ्तार, 435 नशा तस्कर दबोचे, 160 नशा हॉटस्पॉट की पहचान

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Srinagar, Anti Drug, Jammu Kashmir, Issue Data, 614 FIR Lodged
नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान : प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा लोगों की भागीदारी वाले 2,16,123 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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अब तक 3.8 किलो हेरोइन, 32.92 किलो चरस और 222.31 किलो गांजा किया गया जब्त

अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने चल रहे 100 दिवसीय नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत काफी प्रगति हासिल की है। अब तक 614 एफआईआर दर्ज की गईं। 646 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 435 नशा तस्कर दबोचे गए और 160 नशा हॉटस्पॉट की पहचान की गई है।
यह अभियान नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने, पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने और पूरे जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए सरकार के व्यापक और एकजुट दृष्टिकोण को दर्शाता है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य, समाज कल्याण, सूचना, पुलिस, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों की संस्थागत समन्वय के साथ-साथ जनता की भी जबरदस्त भागीदारी रही है। पूरे जम्मू और कश्मीर में कुल 2,16,123 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया।
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इस व्यापक जागरूकता अभियान में बड़ी-बड़ी पदयात्राएं, स्कूल और कॉलेज के कार्यक्रम, गांव-स्तर के अभियान, युवाओं को जोड़ने वाली गतिविधियां, सेमिनार, रैलियां, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम, और सामुदायिक बातचीत शामिल थी। इनका मकसद लोगों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना था। परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को भी मजबूत किया गया है। टेली-मानस'''' परामर्श पहल के तहत 2,786 कॉल आए। उपचार और पुनर्वास सुविधाओं को भी बेहतर बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटीज (एटीएफ) ने अभियान की अवधि के दौरान 44,602 मरीजों का इलाज किया जिनमें 44,263 ओपीडी मरीज और 339 आईपीडी में भर्ती मरीज शामिल थे। 148 मरीज पूरी तरह ठीक होकर इलाज के बाद घर लौट चुके हैं।
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समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित डीडीएसी पुनर्वास केंद्रों में 441 मरीज आए जबकि 742 लोगों ने परामर्श सत्रों में हिस्सा लिया। इसके अलावा, 18 मरीज पूरी तरह ठीक हुए हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे डीडीएसी काउंसलिंग और पुनर्वास सहायता केंद्रों में 451 मरीजों का पंजीकरण हुआ, 786 लोगों की काउंसलिंग की गई और 138 लोग स्वस्थ हुए।
प्रशासन ने ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ 614 एफआईआई दर्ज कीं। 646 लोगों को गिरफ्तार किया गया, 435 नशा तस्करों को पकड़ा गया और 160 ड्रग हॉटस्पॉट की पहचान की गई। नशा तस्करों से जुड़े 37 घरों को सील या गिरा दिया गया। लगभग 25.97 करोड़ की अचल संपत्ति जब्त या कुर्क की गई, 3.70 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति गिरा दी गई। इसके अलावा 1.67 करोड़ की चल संपत्ति जब्त की गई। नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों के लिए परिवहन और दवा चैनलों के दुरुपयोग के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। 252 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए, 111 वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया, 104 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। इसके अलावा दो दवा दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए।
चल रहे इस अभियान के दौरान, नशीले पदार्थों की बड़ी खेप भी जब्त की गई है। सुरक्षा और प्रवर्तन एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं जिनमें 3.8 किलोग्राम हेरोइन, 32.92 किलो चरस और 222.31 किलोगांजा शामिल है। अभियान के दौरान 21 मरला जमीन पर हो रही अफीम की अवैध खेती को भी नष्ट कर दिया गया। सामुदायिक निगरानी को मजबूत करने के लिए निगरानी और निवारक उपायों का भी विस्तार किया गया है। 3,067 दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया, संवेदनशील जगहों पर 2,815 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और निवारक सतर्कता उपायों के हिस्से के तौर पर 977 स्कूलों और अस्पतालों की भी जांच की गई।
प्रशासन खुफिया जानकारी के आधार पर भी कार्रवाई कर रहा है। कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों ने 107 संदिग्धों की जांच की है, 2,807 ड्रग पेडलर्स की पहचान की है और निवारक हिरासत कानूनों के तहत 11 लोगों को पीआईटी-एनडीपीएस के तहत हिरासत में लिया है।

प्रशासन ने लगातार जनभागीदारी, कड़ी कार्रवाई, युवाओं की भागीदारी, पुनर्वास सहायता और संस्थागत समन्वय के जरिए नशामुक्त जम्मू-कश्मीर के सपने को साकार करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया है। प्रशासन ने नागरिकों, सामुदायिक नेताओं, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज समूहों से अपील की है कि वे नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान का समर्थन जारी रखें और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने में मदद करें।
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