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Srinagar News: सरकार ने अनंतनाग स्कूल का नाम पहलगाम के नायक आदिल शाह के नाम पर रखा
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इस शिक्षण संस्थान का नाम बदलना शाह की बहादुरी और बलिदान को एक श्रद्धांजलि है: सकीना इत्तू
संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। जम्मू और कश्मीर सरकार ने बुधवार को यहां के एक हाई स्कूल का नाम बदलकर पोनी ऑपरेटर आदिल हुसैन शाह की याद में रख दिया। आदिल ने पिछले साल पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।
शाह एक घोड़ा चलाने वाला था जिसने 22 अप्रैल, 2025 को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में स्थित बायसरन घाटी के मैदानों में आतंकवादियों के एक समूह द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों के साथ अपनी जान गंवा दी थी।
सरकारी हाई स्कूल हापतनाड का नाम बदलकर शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल हापतनाड रखने के समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू द्वारा अनावरण किया गया।इस मौके पर शाह का परिवार भी मौजूद था। इत्तू ने कहा कि इस शिक्षण संस्थान का नाम बदलना शाह की बहादुरी और बलिदान को एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाते हुए अपनी जान दे दी।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला परिवार से संवेदना व्यक्त करने गए थे तो उन्होंने घोषणा की थी कि इस हाई स्कूल का नाम आदिल के नाम पर रखा जाएगा, जो उनके बलिदान को एक श्रद्धांजलि होगी।मंत्री ने कहा कि शाह के बलिदान ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर के लोग कितने मेहमाननवाज हैं।
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इत्तू ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों को, खासकर कश्मीर घाटी के लोगों को अक्सर शक की नजर से देखा जाता है। हालांकि, उनके बलिदान ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर के लोग अपनी मेहमाननवाजी को लेकर कितने संवेदनशील हैं। पर्यटकों को बचाने में उनकी भूमिका को कोई नहीं भूल सकता और यह उनके नाम को जिंदा रखने का एक छोटा सा प्रयास है।
बाबा बर्फानी के भक्त दिल खोलकर दर्शनों के लिए आएं, पहलगाम के लोग हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे : अल्ताफ कल्लू
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पहलगाम से विधायक अल्ताफ कल्लू भी इस अवसर पर मौजूद रहे जिन्होंने कहा कि हमें फक्र है अपने आदिल पर जिसने अपनी जान पर खेलकर पर्यटकों की जान बचाई। इससे एक बड़ा सकारात्मक संदेश देश भर में गया है कि कश्मीरी कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और नाही करेंगे। आदिल की कुर्बानी हम कभी नहीं भूलेंगे इसलिए आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हाई स्कूल का नाम बदलकर ''''शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल हापतनाड'''' रखा गया।
अल्ताफ ने कहा कि कश्मीरी हमेशा बाहर से आने वाले लोगों के साथ खड़े रहेंगे चाहे वो पर्यटक हो या वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा पर आने वाले बाबा बर्फानी के श्रद्धालु। उन्होंने कहा कि पहलगाम के लोग बाबा बर्फानी के भक्तों का खुली बाहों के साथ स्वागत करते हैं। खुदा न करें पहलगाम जैसी कोई घटना दुबारा हो लेकिन अगर कुछ भी होता है तो यहां के लोग हमेशा पर्यटकों और भक्तों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर स्थिति में खड़े रहेंगे। और इसका उद्धरण आदिल ने भी दिया है जिसने आतंकवादियों का खुले आम मुकाबला किया और देशवासियों की रक्षा में अपनी जान देकर एक शहीद का दर्जा प्राप्त किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अनंतनाग। जम्मू और कश्मीर सरकार ने बुधवार को यहां के एक हाई स्कूल का नाम बदलकर पोनी ऑपरेटर आदिल हुसैन शाह की याद में रख दिया। आदिल ने पिछले साल पहलगाम में हुए एक आतंकी हमले के दौरान पर्यटकों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।
शाह एक घोड़ा चलाने वाला था जिसने 22 अप्रैल, 2025 को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में स्थित बायसरन घाटी के मैदानों में आतंकवादियों के एक समूह द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों के साथ अपनी जान गंवा दी थी।
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सरकारी हाई स्कूल हापतनाड का नाम बदलकर शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल हापतनाड रखने के समारोह के दौरान शिक्षा मंत्री सकीना इत्तू द्वारा अनावरण किया गया।इस मौके पर शाह का परिवार भी मौजूद था। इत्तू ने कहा कि इस शिक्षण संस्थान का नाम बदलना शाह की बहादुरी और बलिदान को एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने कई पर्यटकों की जान बचाते हुए अपनी जान दे दी।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला परिवार से संवेदना व्यक्त करने गए थे तो उन्होंने घोषणा की थी कि इस हाई स्कूल का नाम आदिल के नाम पर रखा जाएगा, जो उनके बलिदान को एक श्रद्धांजलि होगी।मंत्री ने कहा कि शाह के बलिदान ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर के लोग कितने मेहमाननवाज हैं।
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इत्तू ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के लोगों को, खासकर कश्मीर घाटी के लोगों को अक्सर शक की नजर से देखा जाता है। हालांकि, उनके बलिदान ने यह साबित कर दिया कि कश्मीर के लोग अपनी मेहमाननवाजी को लेकर कितने संवेदनशील हैं। पर्यटकों को बचाने में उनकी भूमिका को कोई नहीं भूल सकता और यह उनके नाम को जिंदा रखने का एक छोटा सा प्रयास है।
बाबा बर्फानी के भक्त दिल खोलकर दर्शनों के लिए आएं, पहलगाम के लोग हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे : अल्ताफ कल्लू
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और पहलगाम से विधायक अल्ताफ कल्लू भी इस अवसर पर मौजूद रहे जिन्होंने कहा कि हमें फक्र है अपने आदिल पर जिसने अपनी जान पर खेलकर पर्यटकों की जान बचाई। इससे एक बड़ा सकारात्मक संदेश देश भर में गया है कि कश्मीरी कभी भी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और नाही करेंगे। आदिल की कुर्बानी हम कभी नहीं भूलेंगे इसलिए आज उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हाई स्कूल का नाम बदलकर ''''शहीद आदिल मेमोरियल हाई स्कूल हापतनाड'''' रखा गया।
अल्ताफ ने कहा कि कश्मीरी हमेशा बाहर से आने वाले लोगों के साथ खड़े रहेंगे चाहे वो पर्यटक हो या वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा पर आने वाले बाबा बर्फानी के श्रद्धालु। उन्होंने कहा कि पहलगाम के लोग बाबा बर्फानी के भक्तों का खुली बाहों के साथ स्वागत करते हैं। खुदा न करें पहलगाम जैसी कोई घटना दुबारा हो लेकिन अगर कुछ भी होता है तो यहां के लोग हमेशा पर्यटकों और भक्तों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर स्थिति में खड़े रहेंगे। और इसका उद्धरण आदिल ने भी दिया है जिसने आतंकवादियों का खुले आम मुकाबला किया और देशवासियों की रक्षा में अपनी जान देकर एक शहीद का दर्जा प्राप्त किया।