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Srinagar News: 1100 करोड़ के मानहानि केस में 16 लोगों और उनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर रोक
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- संदीप मावा के खिलाफ कंटेंट बनाने या सर्कुलेट करने से कुछ समय के लिए रोका
श्रीनगर। स्थानीय कोर्ट ने 16 लोगों और सोशल मीडिया हैंडल्स को संदीप मावा के खिलाफ कंटेंट बनाने या सर्कुलेट करने से कुछ समय के लिए रोक दिया है। कथित मानहानि के लिए 1100 करोड़ के हर्जाने की मांग वाले एक सिविल केस में मावा ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बदनाम करने वाली बातों, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि खराब करने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए गए जिससे उनकी पब्लिक इमेज को ऐसा नुकसान हुआ जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। मावा के मुताबिक बयानों को उनकी सहमति के बिना बड़े पैमाने पर सर्कुलेट किया गया। एडिशनल जिला जज फारूक अहमद भट ने कहा कि पहली नजर में मामला बनता है और सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है। कोर्ट ने माना कि अंतरिम राहत न देने से ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई न हो सके। कोर्ट ने 16 लोग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अगली सुनवाई तक मावा के खिलाफ कोई भी बदनाम करने वाला या अपमानजनक कंटेंट जारी करने या सर्कुलेट करने से रोक दिया। संवाद
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श्रीनगर। स्थानीय कोर्ट ने 16 लोगों और सोशल मीडिया हैंडल्स को संदीप मावा के खिलाफ कंटेंट बनाने या सर्कुलेट करने से कुछ समय के लिए रोक दिया है। कथित मानहानि के लिए 1100 करोड़ के हर्जाने की मांग वाले एक सिविल केस में मावा ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बदनाम करने वाली बातों, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी छवि खराब करने के लिए एक कोऑर्डिनेटेड अभियान चलाया।
उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए गए जिससे उनकी पब्लिक इमेज को ऐसा नुकसान हुआ जिसे ठीक नहीं किया जा सकता। मावा के मुताबिक बयानों को उनकी सहमति के बिना बड़े पैमाने पर सर्कुलेट किया गया। एडिशनल जिला जज फारूक अहमद भट ने कहा कि पहली नजर में मामला बनता है और सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है। कोर्ट ने माना कि अंतरिम राहत न देने से ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई न हो सके। कोर्ट ने 16 लोग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अगली सुनवाई तक मावा के खिलाफ कोई भी बदनाम करने वाला या अपमानजनक कंटेंट जारी करने या सर्कुलेट करने से रोक दिया। संवाद
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