दिल्ली की दबाव वाली रणनीति और सज्जाद के इस्तीफे से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगाः शाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपुल्स अलायंस फार गुपकार डिक्लेरेशन से सज्जाद लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कांफ्रेस के अलग होने के एक दिन बाद अवामी नेशनल कांफ्रेंस (एएनसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर शाह ने बुधवार को दावा किया कि पीएजीडी का गठन जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति की बहाली कराने के लिए किया गया है। इसके अलावा चुनाव और अन्य चीजें बहुत ही मामूली हैं। एएनसी नेता ने कहा कि दिल्ली की दबाव की रणनीति और सज्जाद लोन के इस्तीफे से गुपकार गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सज्जाद हमारे भाई की तरह हैं, हालांकि, उन्हें कोई भी फैसला लेने से पहले सर्वोच्च समिति के समक्ष मुद्दों को रखना चाहिए था। शाह ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, एनआईए आदि का उपयोग करके दिल्ली द्वारा दबाव बनाने के सभी प्रयास असफल हो चुके हैं। इस तरह की रणनीति ने गठबंधन को भाजपा के विरोधी जम्मू-कश्मीर के लोगों को चुनौती देने के लिए पर्याप्त मजबूत बना दिया और हम किसी भी दबाव में नहीं आए।
यह भी पढ़ेंः पाक का आतंक प्रेमः घुसपैठ के इस पुराने रास्ते को सक्रिय करने की फिराक में, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
घूम कर चले जाते हैं प्रतिनिधि मंडल
शाह ने यहां आए संसदीय प्रतिनिधि मंडल के बारे में कहा कि हम हमेशा प्रतिनिधिमंडल का दिल से स्वागत करते हैं लेकिन उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कल्याण के लिए इन प्रतिनिधि मंडलों ने कभी कुछ नहीं किया। वे यहां आते हैं, पहलगाम और गुलमर्ग जाते हैं और खाने का आनंद लेते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, जिससे राहत मिले। मैं अब तक 10 प्रतिनिधिमंडलों से मिल चुका हूं, लेकिन उनके सामने जो भी मांगें रखी गईं थीं, उनमें से कुछ भी जमीन पर नहीं किया गया।