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264 शहीद पुलिस कर्मियों को सलाम
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नेशनल पुलिस डे पर गुलशन ग्राउंड में शहीदों को श्रद्धांजलि देते आईजी मुकेश सिंह।
- फोटो : SHRINAGAR
जम्मू। एक साल में शहीद हुए पुलिस पुलिस कर्मियों को याद कर उनके परिवारों का सम्मान किया गया। इस दौरान सभी की आंखें नम रहीं। पुलिस दिवस पर बुधवार को जम्मू के गुलशन ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह ने शहीदों को पुष्पांजलि भेंट कर सलामी दी। बता दें, 1959 में लेह में पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के हमले में सीआरपीएफ के सब इंस्पेक्टर करम सिंह समेत 10 कर्मी शहीद हो गए थे। तब से 21 अक्तूबर को हर साल पुलिस दिवस मनाया जाता है।
जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह बुधवार सुबह सबसे पहले रेलवे स्टेशन जम्मू स्थित पुलिस मेमोरियल पहुंचे और शहादत को सलाम किया। इसके बाद गुलशन ग्राउंड में आयोजित परेड में हिस्सा लिया। उन्होेंने पिछले एक साल में शहीद हुए सीआईएसएफ, बीएसएफ, पीएमएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनसीबी, एनडीआरएफ और होमगार्ड के 264 जवानों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन शहीदों की कुर्बानी सुनहरे अक्षरों में लिखी गई है। यह एक इतिहास है, जो युगों युगों तक याद किया जाएगा। कार्यक्रम में रिटायर पुलिस अफसरों और गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया।
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शहीदों की याद में खेल प्रतियोगिताएं
शहीदों की याद में पुलिस विभाग की तरफ से शहीदी खेल प्रतियोगिताएं शुरू की हैं, ताकि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके। वह शारीरिक रूप से भी फिट रह सकें। संभाग स्तर पर भी खेलों का आयोजन किया जा रहा है।
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शहीद परिवारों की समस्याएं सुनीं
कार्यक्रम में जम्मू संभाग से कई शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार पहुंचे हुए थे। आईजी ने इन लोगों से मुलाकात की और इनकी समस्याओं को सुना। कई परिवारों ने पेंशन जैसे मामलों को उठाया।
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दुख-सुख सांझा किया
जम्मू के रेलवे स्टेशन स्थित पुलिस मेमोरियल स्थल पर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को याद किया गया। पुलिस अफसरों के परिवार शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों से भी रूबरू हुए और उनके सुख दुख को सांझा किया।
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पुलवामा में शहीद 44 जवानों की शहादत को सलाम
सीआरपीएफ ने बन तालाब मुख्यालय में पुलवामा हमले में शहीद होने वाले 44 जवानों को याद किया गया। बीएसएफ ने पलौड़ा मुख्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बीएसएफ के आईजी एनएस जमवाल ने अन्य अफसरों के साथ शहीदों की कुर्बानी को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए जान देने वालों का इतिहास अतुल्य है। उनकी वजह से सरहदें और हम लोग सुरक्षित हैं। वह एक मिसाल कायम करके गए हैं। एसएसबी और सीआईएसएफ समेत अन्य बलों ने भी कार्यक्रम आयोजित किए।
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जम्मू जोन के आईजी मुकेश सिंह बुधवार सुबह सबसे पहले रेलवे स्टेशन जम्मू स्थित पुलिस मेमोरियल पहुंचे और शहादत को सलाम किया। इसके बाद गुलशन ग्राउंड में आयोजित परेड में हिस्सा लिया। उन्होेंने पिछले एक साल में शहीद हुए सीआईएसएफ, बीएसएफ, पीएमएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, एनसीबी, एनडीआरएफ और होमगार्ड के 264 जवानों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इन शहीदों की कुर्बानी सुनहरे अक्षरों में लिखी गई है। यह एक इतिहास है, जो युगों युगों तक याद किया जाएगा। कार्यक्रम में रिटायर पुलिस अफसरों और गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया।
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शहीदों की याद में खेल प्रतियोगिताएं
शहीदों की याद में पुलिस विभाग की तरफ से शहीदी खेल प्रतियोगिताएं शुरू की हैं, ताकि युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके। वह शारीरिक रूप से भी फिट रह सकें। संभाग स्तर पर भी खेलों का आयोजन किया जा रहा है।
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शहीद परिवारों की समस्याएं सुनीं
कार्यक्रम में जम्मू संभाग से कई शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार पहुंचे हुए थे। आईजी ने इन लोगों से मुलाकात की और इनकी समस्याओं को सुना। कई परिवारों ने पेंशन जैसे मामलों को उठाया।
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दुख-सुख सांझा किया
जम्मू के रेलवे स्टेशन स्थित पुलिस मेमोरियल स्थल पर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को याद किया गया। पुलिस अफसरों के परिवार शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों से भी रूबरू हुए और उनके सुख दुख को सांझा किया।
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पुलवामा में शहीद 44 जवानों की शहादत को सलाम
सीआरपीएफ ने बन तालाब मुख्यालय में पुलवामा हमले में शहीद होने वाले 44 जवानों को याद किया गया। बीएसएफ ने पलौड़ा मुख्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बीएसएफ के आईजी एनएस जमवाल ने अन्य अफसरों के साथ शहीदों की कुर्बानी को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए जान देने वालों का इतिहास अतुल्य है। उनकी वजह से सरहदें और हम लोग सुरक्षित हैं। वह एक मिसाल कायम करके गए हैं। एसएसबी और सीआईएसएफ समेत अन्य बलों ने भी कार्यक्रम आयोजित किए।