लेह-लद्दाख: बर्फबारी से पहले जनगणना की तैयारी पूरी करने में जुटा प्रशासन, सितंबर में प्रशिक्षण
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना की तैयारियों की समीक्षा की गई, सितंबर के अंतिम सप्ताह में डीसीएचबी प्रशिक्षण शुरू होगा।
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना की तैयारियों की शुक्रवार को समीक्षा हुई। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी (सीपीसीओ) और जनगणना परिचालन निदेशक अमित शर्मा ने निदेशालय के नोडल अधिकारियों और जिला समन्वयकों के साथ समीक्षा बैठक की। सीपीसीओ ने कहा कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में डीसीएचबी प्रशिक्षण की शुरुआत और अक्टूबर में मैदानी क्षेत्रों में जनगणना का काम शुरू होगा।
अमित शर्मा ने आगामी जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के प्रशिक्षण और मैदानी कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। जिला समन्वयकों ने बताया कि अधिकांश जिलों में सितंबर 2026 के तीसरे और चौथे सप्ताह के दौरान डीसीएचबी प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह प्रक्रिया पहले से जारी है। यह प्रशिक्षण अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले फील्डवर्क से ठीक पहले पूरा कर लिया जाएगा।
उप मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी मनमीत सिंह लूंबा और सहायक मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी जतिंदर कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में आने वाले सभी विशेष प्रभार अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और प्रगणकों का प्रशिक्षण हो चुका है। सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक जनगणना सामग्री भी वितरित कर दी गई है। बैठक में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण दौरे की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सीपीसीओ अमित शर्मा ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिला टीमों द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी चरणों में भी इसी प्रतिबद्धता और सख्त तालमेल के साथ काम जारी रखा जाए। बैठक का संचालन संयुक्त मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अरुण कुमार और उप मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी मनमीत सिंह लूंबा ने किया। अधिकारियों ने अवगत कराया कि सभी बर्फबारी वाले जिलों में निर्धारित दिशानिर्देशों और प्रशिक्षण प्रोटोकॉल के अनुसार काम हो सके।