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डॉ. फारूक हजरतबल दरगाह में नमाज अदा नहीं कर पाए
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श्रीनगर। नेकां अध्यक्ष और सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला बारावफात पर हजरतबल दरगाह में जुमे की नमाज अदा नहीं कर पाए। पार्टी के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के आवास के बाहर जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक बख्तरबंद वाहन रुकावट के तौर पर खड़ा कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. फारूक को दरगाह हजरतबल में नमाज अदा करने से रोका गया। डार ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस नमाज अदा करने के मौलिक अधिकार के इस उल्लंघन की निंदा करती है।
पार्टी के मुताबिक अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह जाने की सूचना दी थी लेकिन अधिकारियों ने उनके घर के सामने ट्रक खड़े कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। जम्मू.कश्मीर की पार्टियों ने इस कदम की निंदा की है और इसे अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। पूर्व मुख्मंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह सरकार के भीतर गहरे उन्माद को उजागर करता है। महबूबा ने ट्वीट किया कि ईद मिलादुन्नबी पर फ ारूक साहब को हजरत बल दरगाह पर नमाज पढ़ने से रोकना केंद्र सरकार के गहरे उन्माद और जम्मू-कश्मीर के प्रति ताकत के इस्तेमाल की नीति को उजागर करता है। यह हमारे अधिकारों का घोर उल्लंघन है और निंदनीय है। नेशनल कांफ्रें स और पीडीपी सहित जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा की पार्टियों और कुछ राष्ट्रीय पार्टियों को मिलाकर हाल में बने गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात की नई पराकाष्ठा करार दिया। पीएजीडी के प्रवक्ता सज्जाद लोन ने अब्दुल्ला के घर के सामने अवरोधक लगाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की निंदा की और उसे हटाने की मांग की।
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पार्टी के मुताबिक अब्दुल्ला ने हजरतबल दरगाह जाने की सूचना दी थी लेकिन अधिकारियों ने उनके घर के सामने ट्रक खड़े कर उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। जम्मू.कश्मीर की पार्टियों ने इस कदम की निंदा की है और इसे अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। पूर्व मुख्मंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह सरकार के भीतर गहरे उन्माद को उजागर करता है। महबूबा ने ट्वीट किया कि ईद मिलादुन्नबी पर फ ारूक साहब को हजरत बल दरगाह पर नमाज पढ़ने से रोकना केंद्र सरकार के गहरे उन्माद और जम्मू-कश्मीर के प्रति ताकत के इस्तेमाल की नीति को उजागर करता है। यह हमारे अधिकारों का घोर उल्लंघन है और निंदनीय है। नेशनल कांफ्रें स और पीडीपी सहित जम्मू-कश्मीर की मुख्य धारा की पार्टियों और कुछ राष्ट्रीय पार्टियों को मिलाकर हाल में बने गुपकर घोषणापत्र गठबंधन (पीएजीडी) ने इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात की नई पराकाष्ठा करार दिया। पीएजीडी के प्रवक्ता सज्जाद लोन ने अब्दुल्ला के घर के सामने अवरोधक लगाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की निंदा की और उसे हटाने की मांग की।
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