अमेरिका-इस्राइल पर बरसीं महबूबा मुफ्ती: ईरान के लोगों को एकजुट रहने की जरूरत, कहा- इनके साजिशों से रहें सतर्क
महबूबा मुफ्ती ने ईरान के लोगों से अमेरिका और इस्राइल की साजिशों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की और ईरान के नेतृत्व से प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का समाधान करने को कहा।
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पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को ईरान के लोगों से अमेरिका और इस्राइल की साजिशों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े रहने की अपील की। साथ ही उन्होंने ईरान के नेतृत्व से वहां हो रहे प्रदर्शनों के पीछे की जन शिकायतों को गंभीरता से सुनने और उनका समाधान करने का आग्रह किया।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अमेरिका को दूसरे देशों में हस्तक्षेप करने की आदत है और उसका असली मकसद वहां के प्राकृतिक संसाधनों पर नजर रखना होता है। अमेरिका लोकतंत्र के नाम पर कई देशों में नेतृत्व बदलने की कोशिश करता है जो पूरी तरह गलत है।
इसी तरह के बहानों के जरिए अमेरिका ने कई मुस्लिम देशों को तबाह कर दिया है। गाजा में लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन वहां अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करता।
कश्मीर में शुक्रवार को ईरान के समर्थन में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि जम्मू-कश्मीर, खासकर कश्मीर में लोग सड़कों पर उतरकर ईरान के समर्थन में खड़े हुए।
ईरान के लोगों से अमेरिका और इस्राइल की नीयत को समझने की अपील करते हुए कहा कि ये दोनों देश मुसलमानों के दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके सबसे बड़े दुश्मन हैं और केवल तेल व अन्य संसाधनों में दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के लोग इन साजिशों में फंस गए तो उनकी स्थिति सीरिया से भी बदतर हो सकती है।
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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हर देश में लोगों को अपनी सरकार से शिकायतें होती हैं और सरकार को उन्हें दूर करना चाहिए, लेकिन साथ ही जनता को भी एकजुट रहकर बाहरी ताकतों की चालों को नाकाम बनाना होगा।
ईरान और भारत के संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले के समय में पूरे देश में ईरान के समर्थन में प्रदर्शन होते थे, लेकिन मौजूदा हालात में लोग विरोध जताने से डर रहे हैं।
ईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के सवाल पर महबूबा मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।