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लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए सेना के प्रयास सराहनीय : कविंद्र गुप्ता
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लेफ्टिनेंट गवर्नर लद्दाख ने राष्ट्रीय भ्रमण दौरे के बाद दुर्बुक–लालोक समूह से की मुलाकात, स्रोत
राष्ट्रीय भ्रमण दौरे के बाद दुर्बुक-लालोक समूह ने लद्दाख के उपराज्यपाल से की मुलाकात
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। दुर्बुक-लालोक से 20 सदस्यीय दल ने सेना की ओर से आयोजित राष्ट्रीय भ्रमण दौरा पूरा करने के बाद लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता के साथ बुधवार को मुलाकात की।इस दौरान एलजी ने दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरे का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय संस्थानों और विकास पहलों से प्रत्यक्ष परिचय कराना तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना था। इस दल में 50 वर्ष से अधिक आयु की 11 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल थे। मुलाकात के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए दौरे को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। कर्नल सुबोध समुद्रे ने लेफ्टिनेंट गवर्नर को बताया कि यह दौरा 20 जनवरी से 1 फरवरी तक ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित किया गया था।
यात्रा कार्यक्रम में लेह स्थित शांति स्तूप और हॉल ऑफ फेम का दौरा शामिल था। इसके बाद दल ने दिल्ली में राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर जाकर भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के दर्शन किए। साथ ही हुमायूं का मकबरा और स्वामीनारायण अक्षरधाम का भी भ्रमण किया। इसके बाद समूह बोधगया गया और महाबोधि मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रयास राष्ट्रीय एकता और समावेशिता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन पवित्र पिपरहवा अवशेषों को लद्दाख लाने की योजना बना रहा है ताकि श्रद्धालु स्थानीय स्तर पर आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि राष्ट्रीय भ्रमण दौरे जैसी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं क्योंकि वे देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच पारस्परिक समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भावनात्मक एकता को बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की विविध विरासत, परंपराओं और विकास यात्रा से परिचय राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है और विशेषकर दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों में गहरे जुड़ाव की भावना पैदा करता है। सांस्कृतिक मूल्यों और सामुदायिक सौहार्द को संरक्षित करने में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कविंद्र गुप्ता ने प्रतिभागियों को अपने गांवों में दूसरों के साथ अपने अनुभव साझा करने और युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
उन्होंने संपर्क, अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, आजीविका और क्षेत्र की सांस्कृतिक व पारिस्थितिक विरासत के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए लद्दाख के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। दुर्बुक-लालोक से 20 सदस्यीय दल ने सेना की ओर से आयोजित राष्ट्रीय भ्रमण दौरा पूरा करने के बाद लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता के साथ बुधवार को मुलाकात की।इस दौरान एलजी ने दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए सेना के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरे का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय संस्थानों और विकास पहलों से प्रत्यक्ष परिचय कराना तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना था। इस दल में 50 वर्ष से अधिक आयु की 11 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल थे। मुलाकात के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए दौरे को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। कर्नल सुबोध समुद्रे ने लेफ्टिनेंट गवर्नर को बताया कि यह दौरा 20 जनवरी से 1 फरवरी तक ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित किया गया था।
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यात्रा कार्यक्रम में लेह स्थित शांति स्तूप और हॉल ऑफ फेम का दौरा शामिल था। इसके बाद दल ने दिल्ली में राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर जाकर भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के दर्शन किए। साथ ही हुमायूं का मकबरा और स्वामीनारायण अक्षरधाम का भी भ्रमण किया। इसके बाद समूह बोधगया गया और महाबोधि मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उपराज्यपाल ने कहा कि ऐसे प्रयास राष्ट्रीय एकता और समावेशिता को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन पवित्र पिपरहवा अवशेषों को लद्दाख लाने की योजना बना रहा है ताकि श्रद्धालु स्थानीय स्तर पर आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने कहा कि राष्ट्रीय भ्रमण दौरे जैसी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती हैं क्योंकि वे देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच पारस्परिक समझ, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भावनात्मक एकता को बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की विविध विरासत, परंपराओं और विकास यात्रा से परिचय राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है और विशेषकर दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों में गहरे जुड़ाव की भावना पैदा करता है। सांस्कृतिक मूल्यों और सामुदायिक सौहार्द को संरक्षित करने में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कविंद्र गुप्ता ने प्रतिभागियों को अपने गांवों में दूसरों के साथ अपने अनुभव साझा करने और युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
उन्होंने संपर्क, अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, आजीविका और क्षेत्र की सांस्कृतिक व पारिस्थितिक विरासत के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए लद्दाख के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।