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Srinagar News: प्रदेश में सड़क निर्माण खर्च पर कैंची, केंद्र सरकार ने घटाए 15 लाख रुपये
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-मंत्रालय का आदेश : अब 2.37 करोड़ में नहीं, 2.22 करोड़ रुपये प्रतिकिलोमीटर में होगा निर्माण
-पीएमजीएसवाई के पहले चरण में 2.37 करोड़ था एक किमी सड़क निर्माण का खर्च
-प्रदेश सरकार को ओएमएएस पर अपलोड करनी होगी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सड़क निर्माण में आने वाले खर्च पर कैंची चला दी है। मंत्रालय ने पीएमजीएसवाई में एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 15 लाख रुपये का खर्च कम किया है। इस संबंध में प्रदेश पीडब्ल्यूडी को आदेश जारी किए गए हैं।
इन आदेशों में अब एक किलोमीटर सड़क का निर्माण 2.22 करोड़ रुपये में होने की बात कही गई है। बीते साल पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के पहले भाग में मंत्रालय ने एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 2.37 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान तय किया था। विभाग ने इस दौरान 316 सड़कों के टेंडर जारी किए थे। अब नई दर से 330 सड़कों की टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी।
मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ऑनलाइन मैनेजमेंट एंड अकाउंटिंग सिस्टम (ओएमएएस) पर पूरी प्रक्रिया को अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विभाग को गुणवत्ता नियंत्रण लैब स्थापित करनी होगी। इसके फोटोग्राफ जियो-टैग करके दिल्ली भेजने होंगे। मंत्रालय में जांच होने के बाद विभाग को टेंडर की अनुमति दी जाएगी।
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पीएमजीएसवाई में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निगरानी बढ़ा दी है और आठ शर्ताें के साथ 330 ग्रामीण इलाकों को सड़क से जोड़ने के लिए मंजूरी दी है। निर्माण में 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार करेगा जबकि 10 फीसदी हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की होगी। पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण के बदले प्रदेश सरकार को 356.61 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
पीडब्ल्यूडी को निर्माण से पहले और उसके बाद सेफ्टी ऑडिट करवाना होगा और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी होगी। सेफ्टी ऑडिट के आधार पर मंजूरी के बाद ही सड़क निर्माण के एवज में भुगतान किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय से निदेशक केएम सिंह ने पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है।
मनरेगा कामगार लगाएंगे सड़क किनारे पौधे
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई बनने वाली सड़कों के किनारे फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। यह पौधे विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) और मनरेगा के तहत लगाए जाएंगे। इनमें जिन ग्रामीण इलाकों में सड़क का निर्माण होगा, उसी गांव में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। मंत्रालय ने यह आदेश अलग से किए हैं। पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण करेगा तो ग्रामीण विकास विभाग बन चुकी सड़क पर दोनों तरफ छायादार और फलदार पौधे लगाएगा।
समय पर पूरी करेंगे टेंडर प्रक्रिया
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में केंद्र से मिले आदेशों को अमल में लाया जा रहा है। प्रदेश में पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के दूसरे भाग की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं हैं। पीडब्ल्यूडी जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा और इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तय मानकों का ध्यान रखा जाएगा। इसके निर्देश संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए जाएंगे।
पुरषोतम कुमार, मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई
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-पीएमजीएसवाई के पहले चरण में 2.37 करोड़ था एक किमी सड़क निर्माण का खर्च
-प्रदेश सरकार को ओएमएएस पर अपलोड करनी होगी टेंडर प्रक्रिया की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सड़क निर्माण में आने वाले खर्च पर कैंची चला दी है। मंत्रालय ने पीएमजीएसवाई में एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 15 लाख रुपये का खर्च कम किया है। इस संबंध में प्रदेश पीडब्ल्यूडी को आदेश जारी किए गए हैं।
इन आदेशों में अब एक किलोमीटर सड़क का निर्माण 2.22 करोड़ रुपये में होने की बात कही गई है। बीते साल पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के पहले भाग में मंत्रालय ने एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर 2.37 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान तय किया था। विभाग ने इस दौरान 316 सड़कों के टेंडर जारी किए थे। अब नई दर से 330 सड़कों की टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी।
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मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ऑनलाइन मैनेजमेंट एंड अकाउंटिंग सिस्टम (ओएमएएस) पर पूरी प्रक्रिया को अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विभाग को गुणवत्ता नियंत्रण लैब स्थापित करनी होगी। इसके फोटोग्राफ जियो-टैग करके दिल्ली भेजने होंगे। मंत्रालय में जांच होने के बाद विभाग को टेंडर की अनुमति दी जाएगी।
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पीएमजीएसवाई में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने निगरानी बढ़ा दी है और आठ शर्ताें के साथ 330 ग्रामीण इलाकों को सड़क से जोड़ने के लिए मंजूरी दी है। निर्माण में 90 फीसदी खर्च केंद्र सरकार करेगा जबकि 10 फीसदी हिस्सेदारी प्रदेश सरकार की होगी। पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण के बदले प्रदेश सरकार को 356.61 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
पीडब्ल्यूडी को निर्माण से पहले और उसके बाद सेफ्टी ऑडिट करवाना होगा और इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी होगी। सेफ्टी ऑडिट के आधार पर मंजूरी के बाद ही सड़क निर्माण के एवज में भुगतान किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय से निदेशक केएम सिंह ने पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है।
मनरेगा कामगार लगाएंगे सड़क किनारे पौधे
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई बनने वाली सड़कों के किनारे फलदार पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। यह पौधे विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) और मनरेगा के तहत लगाए जाएंगे। इनमें जिन ग्रामीण इलाकों में सड़क का निर्माण होगा, उसी गांव में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। मंत्रालय ने यह आदेश अलग से किए हैं। पीडब्ल्यूडी सड़क निर्माण करेगा तो ग्रामीण विकास विभाग बन चुकी सड़क पर दोनों तरफ छायादार और फलदार पौधे लगाएगा।
समय पर पूरी करेंगे टेंडर प्रक्रिया
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में केंद्र से मिले आदेशों को अमल में लाया जा रहा है। प्रदेश में पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के दूसरे भाग की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रहीं हैं। पीडब्ल्यूडी जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा और इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के तय मानकों का ध्यान रखा जाएगा। इसके निर्देश संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए जाएंगे।
पुरषोतम कुमार, मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई