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Jammu kashmir News : एलजी सिन्हा ने कहा- जम्मू-कश्मीर में हड़ताल और पत्थरबाजी अब इतिहास की बात

Wed, 17 Aug 2022 07:14 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Wed, 17 Aug 2022 07:14 AM IST
सार

Jammu kashmir News : उप राज्यपाल ने कहा कि हम पूरे जज्बे के साथ अपनी स्वतंत्रता, राष्ट्रीय सार्वभौमिकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए तत्पर हैं। इस देश के अंदर एवं बाहर जो भी लोग छद्म युद्ध के सहारे हमारी युवा शक्ति को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।

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LG Sinha said : strike and stone pelting in Jammu and Kashmir is now a matter of history
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : संवाद

विस्तार

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब हड़ताल व पत्थरबाजी इतिहास की बात हो गई है। हम पूरे जज्बे के साथ अपनी स्वतंत्रता, राष्ट्रीय सार्वभौमिकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए तत्पर हैं। इस देश के अंदर एवं बाहर जो भी लोग छद्म युद्ध के सहारे हमारी युवा शक्ति को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। पड़ोसी मुल्क के इशारे पर चलाए जा रहे टेरर इको सिस्टम को नेस्तनाबूद करने के लिए अंतिम प्रहार किया जा रहा है। पहले हर साल के 100 दिन हड़ताल के होते थे। अब हड़ताल की प्रथा पूरी तरह समाप्त हो गई है।

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पहले महीनों-महीनों स्कूल-कॉलेज बंद रहते थे। इस परंपरा को भी पूरी तरह से दफ न कर दिया गया है। अब बाजार बंद नहीं होते। ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था में रुकावट नहीं आती। आज यह मंगलमयी पुण्यभूमि शांति एवं शुचिता के चरम शिखर को स्पर्श कर रही है। मैं सभी नागरिकों का आह्वान करना चाहता हूं कि आतंकवाद के खिलाफ उठ रही आवाज में 1.30 करोड़ जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की गूंज होनी चाहिए।
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स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में जिस तरह का उत्साह जम्मू-कश्मीर में दिखाई पड़ा है वह बदलते हुए जम्मू-कश्मीर का संकेत है। त्राल जैसे अनेक इलाके जिनकी पहचान दूसरी वजहों से होती थी आज वहां की वादियां भारत माता की जय के नारों से गूंज रही हैं। यह अमन और मोहब्बत का जम्मू-कश्मीर है, यह ऋ षि मुनियों और सूफ ी फ कीरों का जम्मू-कश्मीर है जो अब नए आत्मविश्वास से भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। अमृत काल खंड में जम्मू-कश्मीर एक मजबूत, संगठित, विकसित, शांतिपूर्ण एवं समृद्ध केंद्र शासित प्रदेश बनकर नई बुलंदियों को छू रहा है। सात दशक का बुरा सपना बीत गया है। भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त, विकासयुक्त, सामाजिक न्याययुक्त जम्मू-कश्मीर नए युग में प्रवेश कर रहा है।
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श्रीनगर में गौरव स्तंभ की होगी स्थापना
उप राज्यपाल ने कहा कि मां भारती की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर जवानों की स्मृति में श्रीनगर में गौरव स्तंभ की स्थापना की जाएगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि शूरवीरों की अमर ज्योति, नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र होगी एवं जम्मू-कश्मीर में नई आत्मशक्ति को जागृत करेगी। देश की एकता व अखंडता को अक्षुण बनाए रखने वाले बहादुर सिपाहियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करता हूं।

शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा का भार सरकार करेगी वहन
उप राज्यपाल ने कहा कि हमारे बहादुर जवानों के त्याग और बलिदान का कोई मोल नहीं है, लेकिन उनका परिवार सुविधा और सम्मान के साथ जीवनयापन करे, इसके लिए ठोस उपाय आवश्यक हैं। प्रशासन ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जम्मू-कश्मीर के जवानों के परिवार वालों के लिए मुआवजे की राशि 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। पुलिस के सभी शहीद वीर जवानों के बच्चों की शिक्षा का भार जम्मू-कश्मीर प्रशासन उठाएगा। अग्निवीरों को सैन्य सेवा के बाद पुलिस में भर्ती के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।

भटके नौजवान बने प्रदेश की प्रगति में भागीदार
पिछले दो वर्षों में असंतुलित विकास की मार झेल रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा में लाया गया है। दलित, आदिवासी तथा सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को भेदभावरहित शासन का लाभ मिला है। नारी शक्ति की गरिमा को पुनर्स्थापित किया गया है। व्यापार, आर्थिक क्षेत्र, शिक्षा, संस्कृति एवं खेल के क्षेत्र में सफ लता के नए कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं। जो नौजवान रास्ता भटक गए हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि भारत की मिट्टी ने पूरे विश्व को विकास की, उन्नत होने की, विस्तार की चेतना प्रदान की है। आज प्रशासन के कर्तव्यों और युवा शक्ति की उम्मीदों के फ ासले को खत्म कर दिया गया है। इसलिए एक नए संकल्प के साथ सशक्त, उन्नत और समृद्ध जम्मू-कश्मीर का निर्माण करें।

भर्ती में गड़बड़ी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
पिछले तीन साल में युवाओं को पूरी पारदर्शिता तथा मेरिट के आधार पर लगभग 30 हजार सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराई गई हैं। जहां कुछ शिकायत मिली है वहां जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मैं सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं जो भी दोषी पाया जाएगा उसे कानून के तहत कठोर से कठोर सजा सुनिश्चित की जाएगी। रिक्त पदों की भर्ती भी तेज गति से पूरी की जाएगी। 5.2 लाख नौजवान लड़के-लड़कियों को विभिन्न कार्यक्रमों के तहत स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री इम्प्लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम में जम्मू-कश्मीर ने देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पिछले वित्त वर्ष में 21640 मैन्युफैक्चरिंग तथा सर्विस यूनिट की स्थापना की है और 1.73 लाख नए रोजगारों का सृजन किया गया जो भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा है।

4400 करोड़ से 22 मेडिसिटी के प्रस्ताव
विदेशी निवेशकों में एम्मार, लुलु तथा डीपी वर्ल्ड के एमओयू को जमीन पर क्रियान्वित कराने की दिशा में प्रगति हुई है और जल्द ही जमीन पर उसके परिणाम दिखाई पड़ेंगे। 4400 करोड़ रुपये के 22 प्रस्ताव मेडिसिटी बनाने के लिए स्वीकृत किए गए हैं। हस्तशिल्प से जुड़े सभी कारीगरों के गिनती की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। हस्तशिल्प कलाकारों को दी जाने वाली 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद को बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है।


कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के प्रति प्रतिबद्ध
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए केंद्र तथा प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 6000 नौकरियों में से 5502 नियुक्तियां हो चुकी हैं। 458 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है तथा शेष अन्य पदों पर भी शीघ्र भर्ती की जाएगी। पीएम पैकेज कर्मचारियों की एक दशक से लंबित मांग को काफ ी हद तक पूरा करने में हम सफ ल हुए हैं। 6000 आवास निर्माण की प्रक्रिया सुस्त थी, जिसे नई गति प्रदान की गई है। 1000 यूनिट तैयार है। 1100 यूनिट इस वर्ष तक पूरी हो जाएंगी। बाकी बचे हुए 3900 यूनिट्स का निर्माण भी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा। सभी पीएम पैकेज तथा अल्पसंख्यक कर्मचारियों को सुरक्षित जगहों पर तैनात किया गया है। केवल नौकरी और आवास ही पुनर्वास एवं कल्याण के समाधान नहीं हैं बल्कि अन्य प्रयास भी किए जा रहे हैं। 1997 में बनाए गए जम्मू-कश्मीर विस्थापित अचल संपत्ति कानून को पिछले वर्ष प्रभावी ढंग से लागू करके विस्थापन का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडितों तथा अन्य विस्थापित समुदायों को न्याय दिलाया गया है।

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