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डल के किनारे 7500 वर्ग फुट का तिरंगा प्रदर्शित
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श्रीनगर। डल झील के किनारे 7500 वर्ग फुट का तिरंगा प्रदर्शित किया गया। यह केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय, होटल प्रबंधन संस्थान श्रीनगर और हिमालय पर्वतारोहण संस्थान (एचएमआई) दार्जिलिंग का संयुक्त प्रयास था। सहायक तत्वों समेत ध्वज का वजन 80.85 किलो था। बता दें, टीम एचएमआई ने पहली बार अप्रैल 2021 में सिक्किम हिमालय में और बाद में विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता में 15 अगस्त 2021 और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी गुजरात में 31 अक्तूबर 2021 को इसी ध्वज को प्रदर्शित किया था। इसके बाद इस राष्ट्रीय ध्वज को अंटार्कटिका में प्रदर्शित किया गया, जिसके साथ अंटार्कटिका में पहली बार प्रदर्शित किसी भी देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया गया।
श्रीनगर पहुंचने से पहले ध्वज को भारत छोड़ो आंदोलन के 80 साल के अवसर पर 8 अगस्त 2022 को दार्जिलिंग में प्रदर्शित किया गया था। चूंकि, झंडा आकार में इतना बड़ा है, इसलिए इसे तीन पैनलों में बनाया गया है। इसके स्थिरता कारक पर विशेष ध्यान दिया गया है और सुरक्षा एंकरों को उचित रूप से फिट किया गया है, ताकि झंडा उच्च वेग वाली पहाड़ी हवाओं से लेकर अंटार्कटिका के सब्जीरो तापमान और अन्य चरम मौसम तत्वों का भी सामना कर सके।
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श्रीनगर पहुंचने से पहले ध्वज को भारत छोड़ो आंदोलन के 80 साल के अवसर पर 8 अगस्त 2022 को दार्जिलिंग में प्रदर्शित किया गया था। चूंकि, झंडा आकार में इतना बड़ा है, इसलिए इसे तीन पैनलों में बनाया गया है। इसके स्थिरता कारक पर विशेष ध्यान दिया गया है और सुरक्षा एंकरों को उचित रूप से फिट किया गया है, ताकि झंडा उच्च वेग वाली पहाड़ी हवाओं से लेकर अंटार्कटिका के सब्जीरो तापमान और अन्य चरम मौसम तत्वों का भी सामना कर सके।
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