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मलबे के ढेर और उफनते नाले में जिंदगी की तलाश
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जम्मू/श्रीनगर। कड़ाके की ठंड, घुप अंधेरा और खराब मौसम के खतरे के बीच बचाव अभियान के जवान मलबे का चप्पा-चप्पा खंगाल रहे हैं। सेना, सीआरपीएफ, आईटीबीपी से लेकर तमाम एजेंसियाें के जांबाज गैंती-बेलचे से मलबा हटा रहे हैं। कहीं कंबल, बोरी या कुछ सामान मिल मिलने पर जमीन को हाथ से कुरेद रहे हैं। इस उम्मीद में कि कोई जिंदा मिल जाए। लापता अमरनाथ यात्री का शव मिले तो पार्थिव देह को कोई नुकसान न पहुंचे।
शुक्रवार शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर जारी रहा। शनिवार तड़के पवित्र गुफा से लेकर पूरे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं से खाली करवा लिया गया। अब सिर्फ उन जिंदगियों की तलाश है, जिन्हें सैलाब अपने साथ बहा ले गया। मलबा खोदने में जुटे जवानों के अलावा कुछ टीमें उफनते नाले में भी उतरीं। क्योंकि कुछ लोगाें के पानी के साथ बहने की आशंका थी। गुफा के पास पानी के साथ आए मलबे की करीब छह फुट मोटी परत जम गई है। सिल्ट सरीखी मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थरों ने उस नाले की जद में आने वाली हर चीज को नीचे दबा दिया है।
एक अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान मलबे की वजह से हुआ है। पानी सूखते ही कुछ फुट तक जमी मलबे की तह ठोस हो गई है। जितना भी समय लगे, रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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बीप की आवाज व कुत्तों के
भौंकने पर बंधती रही उम्मीद
पवित्र गुफा के सामने सैलाब के साथ आया मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन गया है। रेस्क्यू टीमें अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं डॉग स्क्वायड को भी लगाया गया है। जिंदगी की तलाश में जुटी टीमों को उपकरणों की बीप की आवाज सुनाई देती या फिर कुत्ते कहीं रुककर भौंकने लगते तो रेस्क्यू टीमों को उम्मीद बंध जाती।
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शुक्रवार शाम से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रात भर जारी रहा। शनिवार तड़के पवित्र गुफा से लेकर पूरे यात्रा मार्ग को श्रद्धालुओं से खाली करवा लिया गया। अब सिर्फ उन जिंदगियों की तलाश है, जिन्हें सैलाब अपने साथ बहा ले गया। मलबा खोदने में जुटे जवानों के अलावा कुछ टीमें उफनते नाले में भी उतरीं। क्योंकि कुछ लोगाें के पानी के साथ बहने की आशंका थी। गुफा के पास पानी के साथ आए मलबे की करीब छह फुट मोटी परत जम गई है। सिल्ट सरीखी मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थरों ने उस नाले की जद में आने वाली हर चीज को नीचे दबा दिया है।
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एक अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान मलबे की वजह से हुआ है। पानी सूखते ही कुछ फुट तक जमी मलबे की तह ठोस हो गई है। जितना भी समय लगे, रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
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बीप की आवाज व कुत्तों के
भौंकने पर बंधती रही उम्मीद
पवित्र गुफा के सामने सैलाब के साथ आया मलबा रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन गया है। रेस्क्यू टीमें अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं। वहीं डॉग स्क्वायड को भी लगाया गया है। जिंदगी की तलाश में जुटी टीमों को उपकरणों की बीप की आवाज सुनाई देती या फिर कुत्ते कहीं रुककर भौंकने लगते तो रेस्क्यू टीमों को उम्मीद बंध जाती।