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बारामुला से आम लोगों की फोन कॉल सुनते थे रावत, क्षेत्र से था खास लगाव

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jammu kashmir news
श्रीनगर। दूसरों के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत बारामुला के लोगों के लिए सेना का ऐसा चेहरा थे, जिससे लोगों का खास लगाव था। बारामुला के कई लोग अपने स्तर पर रावत से फोन पर संपर्क करते। उन्हें समस्याएं बताते और उनका समाधान भी होता। बारामुला में रावत कंपनी कमांडर रह चुके थे। चिनार कोर के सेना कमांडर (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने बारामुला के शेरवानी कम्युनिटी हॉल में श्रद्धांजलि समारोह में रावत के अवाम से आत्मीय रिश्तों की बातें साझा कीं। जनरल बिपिन रावत को वीरवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जीओसी डैगर डिवीजन मेजर जनरल अजय चांदपुरिया ने भी उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
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लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि सीडीएस का जितना लगाव बारामुला, उड़ी और खास तौर से कश्मीर की जनता के साथ था, उतना शायद सेना में किसी का किसी के साथ रहा होगा। उनके पास यहां से किसी भी आदमी का फोन गया तो उन्होंने उसे जरूर सुना और हर जरूरत को पूरा किया। कई बार तो मुझे भी फोन किया गया। मैं समझता हूं कि जितना नुकसान बारामुला की जनता का हुआ है उतना किसी का नहीं हुआ होगा। आप अगर यहां के कई लोगों की सोशल मीडिया डीपी देखें तो बारामुला के मीडिया के जो दोस्त हैं, मेरे ख्याल से हर एक के पास उनकी एक तस्वीर साथ में होगी।
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डीपी पांडे ने वीरवार को काठी बटालियन का भी दौरा किया, जहां बिपिन रावत कंपनी कमांडर रहे थे। जीओसी ने कहा कि वह यहां आना चाहते थे। उन्होंने कहा कि वह 5 सेक्टर के भी कमांडर रहे थे। उनकी दो पोस्टिंग उनके दिल के काफी करीब रहीं। खास तौर से यहां की अवाम की वजह से। जीओसी ने कहा कि यह एक बड़ा हादसा है और इस दुख से निकलने में थोड़ा समय लगेगा।
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माच्छिल के लोगों ने भी दी श्रद्धांजलि
सीमावर्ती जिला कुपवाड़ा के एलओसी से सटे माच्छिल सेक्टर में भी स्थानीय लोगों ने बर्फीली पहाड़ियों और माइनस तापमान के बीच बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य जवानों व अधिकारियों को मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। इसमें 150 से ज्यादा लोग शामिल थे।

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वो गए भी तो जूते पहनकर गए
श्रीनगर। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान लोगों और सेना अधिकारियों से बातचीत के दौरान चिनार कोर के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा, ‘देखो वो (जनरल रावत) गए भी तो जूते पहनकर गए। वो हमेशा एक फौजी हैं।’ बता दें कि एक मशहूर कहावत है ‘डाई विद योर बूट्स ऑन’।
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