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J&K: राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीवीआईपी और सुरक्षाबलों के काफिले के दौरान नहीं रोका जाएगा नागरिक यातायात
Sun, 10 Sep 2023 01:23 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 10 Sep 2023 01:23 PM IST
सार
एडीजीपी विजय कुमार ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में काफिले की मूवमेंट का संयुक्त सर्वेक्षण करें और जहां संभव हो वहां बदलावों की सिफारिश करें ताकि सुरक्षाबलों के वाहनों को सुरक्षित निकालने के साथ नागरिक यातायात सुचारू ढंग से चलता रहे।
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आयोजित बैठक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कश्मीर में वीवीआईपी और सुरक्षाबलों का काफिला निकलने के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को नहीं रोका जाएगा, लेकिन इससे पहले हर लिहाज से सुरक्षा के इंतजाम होंगे। चरणबद्ध तरीके से यातायात के जाम रहित प्रवाह के लिए अतिरिक्त उपाय भी सुझाए जाएंगे। इसके लिए अधिकारियों से सुरक्षा और बदलावों पर सुझाव मांगे गए हैं।
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीवीआईपी और सुरक्षाबलों की मूवमेंट को और सुरक्षित बनाने के लिए शनिवार को एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने अनंतनाग जिले में पुलिस, सुरक्षाबलों और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा और सुरक्षाबलों द्वारा अपनाए जा रहे स्टेप बॉय स्टेप (एसओपी) की समीक्षा की गई।
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उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में काफिले की मूवमेंट का संयुक्त सर्वेक्षण करें और जहां संभव हो वहां बदलावों की सिफारिश करें ताकि सुरक्षाबलों के वाहनों को सुरक्षित निकालने के साथ नागरिक यातायात सुचारू ढंग से चलता रहे।
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बता दें कि पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों का काफिला निकलने के दौरान नागरिक परिवहन को रोकने का निर्णय लिया गया था। इससे आम जन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब फिर से पुरानी व्यवस्था बहाली के मद्देनजर अधिक सुरक्षा उपायों के साथ काफिला निकाला जाएगा।
बैठक के दौरान एडीजीपी कश्मीर ने पुलिस अधिकारियों, अर्धसैनिक बलों और सेना के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर उन स्थानों की पहचान करने की सलाह दी जहां डिवाइडर की ऊंचाई बढ़ाई जा सकती हो। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के सुरक्षा की दृष्टि से ठीक किए जा सकने वाले मोड़ों और उन स्थानों की भी पहचान करने के लिए कहा, जहां सर्विस लेन की आवश्यकता है। अगर कहीं पर अंडरपास या ओवर पास की आवश्यकता हो, तो उस सुझाव को भी भेजा जाए ताकि इन सब बदलावों के बाद वीआईपी, वीवीआईपी और सुरक्षाबलों की मूवमेंट के दौरान आम लोगों को न रोका जा सके।
अतिरिक्त सीसीटीवी लगाने वाले स्थानों की भी करें पहचान
एडीजीपी कश्मीर ने जिला प्रमुखों को उन स्थानों की पहचान करने का भी निर्देश दिया, जहां अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए जा सकते हों। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर काफिले की आवाजाही के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर एसएचओ और एसडीपीओ को नियुक्त करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजमार्ग के किनारे से अवैध निर्माण को भी हटवाया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि तत्काल उपाय के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग पर वीवीआईपी और वरिष्ठ अधिकारियों की आवाजाही के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी नागरिक यातायात को नहीं रोका जाएगा और चरणबद्ध तरीके से नागरिक यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए अतिरिक्त उपाय भी सुझाए जाएंगे।
आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू करके सक्रिय ओजीडब्ल्यू के खिलाफ करें कानूनी कार्रवाई
एजीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी को विशिष्ट इनपुट तैयार करने, आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू करने और इन क्षेत्रों में सक्रिय ओजीडब्ल्यू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जीओसी विक्टर फोर्स, आईजी ट्रैफिक जम्मू-कश्मीर, सेना के सेक्टर कमांडर प्रथम, डीआइजी पुलिस एसकेआर, डीआइजी बीएसएफ, डीआइजी एसएसबी, डीआइजी सीआरपीएफ अवंतीपोरा, डीआइजी सीआरपीएफ अनंतनाग, डीआइजी बीएसएफ, डीडीआईबी, अतिरिक्त कमांडर एसबी, अनंतनाग, कुलगाम के एसएसएसपी ने भाग लिया।
पुलवामा हमले के बाद यातायात की एसओपी में किया गया था बदलाव
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की बस पर हुए आत्मघाती हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर अति विशिष्ट लोगों व वरिष्ठ अधिकारियों के आवागमन के दौरान सामान्य यातायात को रोकने का फैसला किया गया था। हालांकि इस फैसले से आम जनता को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जाम लगने पर कई घंटे तक वाहन फंसे रहते थे।