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Jammu Kashmir: कोकरनाग मुठभेड़ से जुड़े आतंकी मददगार की 19 मरला जमीन कुर्क, लश्कर कमांडर उजैर को देता था मदद
Sat, 04 Jan 2025 12:31 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sat, 04 Jan 2025 12:31 PM IST
सार
एनआईए ने कोकरनाग मुठभेड़ में लश्कर कमांडर उजैर खान के मददगार मोहम्मद डार की 19 मरला जमीन कुर्क की, जो आतंकी को रसद, आश्रय और खुफिया जानकारी प्रदान करता था।
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कोकरनाग मुठभेड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोकरनाग मुठभेड़ में मारे गए लश्कर कमांडर उजैर खान के मददगार मोहम्मद अकबर डार की अनंतनाग स्थित 19 मरला जमीन शुक्रवार को कुर्क कर ली। डार, उजैर को रसद, आश्रय, भोजन और खुफिया जानकारी मुहैया कराता था।
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यह मामला सितंबर 2023 को हुई मुठभेड़ से जुड़ा है। इस मुठभेड़ में कर्नल, मेजर व डीएसपी बलिदान हुए थे। बाद में सेना का एक जवान और बलिदान हुए थे।एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि मोहम्मद अकबर डार को 20 सितंबर 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उसके आवास से एके-47 राइफल, 40 कारतूस, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी। उसे मार्च 2024 में एनआईए की विशेष अदालत जम्मू के समक्ष पेश कर आरोपपत्र दायर किया गया था। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत की गई है।
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बताया जाता है कि 13 सितंबर 2023 को अनंतनाग जिले के कोकरनाग के ऊंचे इलाकों में तलाशी अभियान को दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सेना के कर्नल मनप्रीत सिंह, बटालियन कमांडिंग अफसर मेजर आशीष और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट बलिदान हो गए थे। कर्नल मोहाली, मेजर पानीपत और डीएसपी त्राल के रहने वाले थे। गडूल के जंगलों में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बद सेना,सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया था।
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सात दिन चली थी मुठभेड़
सात दिन चली इस मुठभेड़ में कर्नल, मेजर, डीएसपी व सेना के एक जवान बलिदान हुए थे। जबकि दस लाख के इनामी लश्कर कमांडर उजैर खान समेत दो आतंकी मारे गए थे। दूसरे दहशतगर्द की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।