श्रीनगर। मंडलायुक्त अंशुल गर्ग ने बैठक कर झेलम नदी नेशनल वॉटरवे-49 के तहत जल परिवहन को आसान बनाने के लिए किए जा रहे कामों में आ रही रुकावटों और विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।
मंडलायुक्त ने गुंड पारंग में पेड़ों को हटाना और सड़क चौड़ीकरण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना, केपीडीसीएल और केपीटीसीएल की यूटिलिटीज (बिजली के खंभे, तार आदि) को हटाना और हाउस-बोट को दूसरी जगह ले जाने के मुद्दों की समीक्षा की। कमिश्नर ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि वे जरूरी निर्माण और यूटिलिटी हटाने के कामों को अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं में शामिल करें। उन्होंने इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर गुंड पारंग में प्रस्तावित कामों का पूरा संयुक्त सर्वे करें और प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जरूरी जमीन की प्रकृति की पहचान करें। आईडब्ल्यूएआई अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे साइट पर मौजूद यूटिलिटीज़ का विस्तार से आकलन करें। कमिश्नर ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया और आईडब्ल्यूएआई अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मुद्दों के समाधान के लिए तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करें। उन्होंने फील्ड टीमों के साथ नियमित तालमेल बनाए रखने को भी कहा ताकि पहचानी गई रुकावटों को तुरंत दूर किया जा सके।